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25-May-2026
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नदी में सीपियां इकट्ठा करने उतरे एक ही परिवार के 11 लोग डूबे - राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री जताया गहरा दुख बेंगलुरु (ईएमएस)। कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले में एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। थट्टे हक्कलू नदी में सीपियां इकट्ठा करने गए एक ही परिवार के 11 लोगों के डूबने की घटना सामने आई है। हादसे में अब तक 10 शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि एक व्यक्ति की तलाश के लिए बचाव अभियान लगातार जारी है। मृतकों में सात महिलाएं भी शामिल हैं। पुलिस और राहत एजेंसियां नदी में लापता व्यक्ति की खोज में जुटी हुई हैं। पुलिस सूत्रों के अनुसार यह घटना भटकल तालुक के शिराली गांव के पास हुई। बताया गया कि परिवार के लगभग 14 सदस्य नदी में सीपियां इकट्ठा करने के लिए उतरे थे। स्थानीय तटीय समुदायों के लिए नदी और समुद्री क्षेत्रों से सीपियां निकालना पारंपरिक आजीविका का हिस्सा माना जाता है। इसी दौरान कुछ लोग नदी के अधिक गहरे हिस्से में पहुंच गए और तेज बहाव में फंस गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार पहले एक-दो लोग धारा में बहने लगे, जिन्हें बचाने के प्रयास में अन्य सदस्य भी पानी में उतर गए। देखते ही देखते कई लोग नदी की तेज धारा की चपेट में आ गए। अधिकारियों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर और बहाव अचानक बढ़ गया था। इससे स्थिति और अधिक खतरनाक हो गई। बचाव अभियान में पुलिस, स्थानीय प्रशासन, राहत दल और ग्रामीण लगातार जुटे हुए हैं। अब तक जिन लोगों के शव बरामद किए गए हैं उनमें उमेश मंजूनाथ नाइक, लक्ष्मी महादेव नाइक, लक्ष्मी जट्टप्पा नाइक, लक्ष्मी अपन्ना नाइक, लक्ष्मी शिवराम नाइक, ज्योति मस्तम्मा नाइक, मालती नाइक और मस्तम्मा नाइक की पहचान हो चुकी है। दो अन्य लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इस हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गहरा दुख व्यक्त किया है। राष्ट्रपति ने घटना को अत्यंत दुखद बताते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की। वहीं प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट कर कहा कि कारवार जिले की घटना से उन्हें गहरा दुख पहुंचा है। उन्होंने मृतकों के परिवारों के लिए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से दो-दो लाख रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की। साथ ही घायलों को 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद देने की बात कही। कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धरमैया ने भी हादसे पर शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है। उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार और विधानसभा में विपक्ष के नेता आर. अशोक ने भी घटना पर दुख व्यक्त किया है। स्थानीय प्रशासन का कहना है कि नदी में सीपियां इकट्ठा करने का काम यहां के कई समुदायों की आजीविका से जुड़ा हुआ है और अधिकांश लोग इस कार्य में अनुभवी थे। हालांकि अचानक बढ़ी नदी की धारा और गहराई का सही अंदाजा नहीं लग पाने के कारण यह बड़ा हादसा हो गया। घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल है। डेविड/ईएमएस 25 मई 2026