11-Apr-2025


नागपुर, (ईएमएस)। महाराष्ट्र के वन मंत्री गणेश नाईक पिछले दो दिनों से नागपुर में प्रवास पर हैं। बीते दो दिनों में उन्होंने वन विभाग मुख्यालय में कई बैठकें की हैं। वे पिछले दो दिनों से समीक्षा बैठकें कर रहे हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि वन विभाग में क्या चल रहा है, समस्याएं क्या हैं और उनका समाधान क्या है। वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा राज्य में आज 446 बाघ हैं। बफर जोन की तुलना में कोर जोन में बाघों की संख्या अधिक है और चंद्रपुर जिले में बाघों का प्रकोप है। पिछले तीन महीनों में राज्य में 19 बाघों की मौत हो चुकी है और 4 बाघों का शिकार किया गया है। इस बीच, कुछ बाघ भूख से मर गए हैं। वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा, अंबानी परिवार द्वारा गुजरात के जामनगर में शुरू किए गए वनतारा की तरह ही महाराष्ट्र में भी सूर्य तारा अभ्यारण्य शुरू करने के लिए अनंत अंबानी को पत्र दिया गया है। इसके लिए आवश्यक भूमि का चयन कर लिया गया है। उन्होंने कहा, अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि वन विभाग केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में अनावश्यक कठिनाइयां पैदा न करें। वन विभाग विभिन्न पहलों के माध्यम से राजस्व बढ़ाने के प्रयास कर रहा है। इसके लिए वन विकास निगम को अपनी जमीन पर बांस लगाना चाहिए। वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा, इससे मराठवाड़ा में मोसंबी, विदर्भ में संतरा, नासिक क्षेत्र में अंगूर और पश्चिमी महाराष्ट्र में अनार जैसे फलों के पेड़ लगाकर फलों के रस के उत्पादन के माध्यम से वन विभाग की आय में वृद्धि होने की उम्मीद है। पूर्व वन मंत्री सुधीर मुनगंटीवार का सपना था कि नागपुर में वन विभाग की लकड़ी से गुणवत्तापूर्ण फर्नीचर बनाने का एक बड़ा कारखाना शुरू किया जाए। वन मंत्री गणेश नाईक ने कहा हम मुनगंटीवार के सपने को आगे बढ़ाने के लिए काम करेंगे। अगले सात महीनों के लिए, हर महीने 10 करोड़ रुपये यानी कुल 70 करोड़ रुपये का निवेश करके राज्य के विभिन्न हिस्सों में फर्नीचर निर्माण कारखाने स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने आगे कहा, केवल विदर्भ में ही नहीं बल्कि राज्य के हर हिस्से में जंगल की लकड़ी का उपयोग करके फर्नीचर कारखाने स्थापित किए जाएंगे। जंगल के मुख्य क्षेत्रों में कुछ फलदार पेड़ लगाए जाएंगे ताकि जंगली जानवर जंगल में ही रहें। हम शाकाहारी जानवरों की जरूरतों को पूरा करने के लिए एक पहल लागू करेंगे और उन शाकाहारी जानवरों के माध्यम से बाघ और तेंदुए जैसे जानवरों की जरूरतों को पूरा करेंगे ताकि जानवर जंगल के क्षेत्र से बाहर न आएं और हमला न करें और अन्य समस्याएं पैदा न करें। वन मंत्री गणेश नाईक ने आगे कहा, इस साल मेलघाट में जंगल में आग लगने की एक भी घटना नहीं हुई है। यदि आवश्यक हो तो हेलीकॉप्टर की मदद से आग बुझाने के निर्देश दिए गए हैं। आग बुझाने के लिए करीब 50 लाख रुपये का ड्रोन खरीदने का निर्णय लिया गया है। इसके अलावा, पहले शिकारी जंगलों में रहते थे, अब वे शहरों में रह रहे हैं। जांच से पता चला है कि राजुरा में जिस तरह का अवैध शिकार सामने आया था, उसका अंतरराष्ट्रीय संबंध था। इस मामले की जांच जारी है। संतोष झा- ११ अप्रैल/२०२५/ईएमएस