राष्ट्रीय
18-May-2025


नई दिल्‍ली (ईएमएस)।वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, भारत के समुद्री खाद्य निर्यात में इस वर्ष अप्रैल में 17.81 प्रतिशत की जोरदार वृद्धि दर्ज की गई है, जो 0.58 बिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। देश अंतरराष्ट्रीय बाजार में समुद्री उत्पादों के चौथे सबसे बड़े उत्पादक के रूप में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। 31 मार्च, 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में देश ने 16.85 लाख मीट्रिक टन समुद्री उत्पादों का निर्यात किया। 31 मार्च, 2025 को समाप्त वित्त वर्ष में देश ने 16.85 लाख मीट्रिक टन समुद्री उत्पादों का निर्यात किया, जो 60 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाता है। मूल्य के संदर्भ में, निर्यात वित्त वर्ष 2015 के 5.4 बिलियन डॉलर से बढ़कर 7.2 बिलियन डॉलर हो गया। अमेरिका की टैरिफ वृद्धि की घोषणा के बावजूद यह गति 2025-26 तक जारी रहेगी। इस बीच, भारत और अमेरिका दोनों देशों के बीच निर्यात और आयात के प्रवाह को बढ़ाने के उद्देश्य से द्विपक्षीय व्यापार पूरा होने की राह पर है। भारत अब 130 देशों को समुद्री खाद्य निर्यात करता है, जो 2014-15 में 105 देशों से अधिक है। यह देश की समुद्री उत्पादों की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है। फ्रोजन झींगा सबसे ज्यादा निर्यातित समुद्री उत्पाद है, जो कुल मात्रा का 40 प्रतिशत और कुल निर्यात मूल्य का 66.12 प्रतिशत योगदान देता है, जिसमें अमेरिका और चीन सबसे बड़े बाजार हैं। भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा क्षमता और उच्च मूल्य प्राप्ति को केंद्र की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (पीएमएमएसवाई) द्वारा बढ़ावा दिया जाता है, जो मत्स्य पालन वैल्यू चैन के साथ हस्तक्षेप की एक बास्केट को सपोर्ट करती है। इसमें गुणवत्ता वाली मछली उत्पादन, खारे पानी के जलीय कृषि का विस्तार, विविधीकरण और गहनता, निर्यात-उन्मुख प्रजातियों को बढ़ावा देना शामिल है। सुबोध\१८\०५\२०२५