वाराणसी (ईएमएस) । कपिलवस्तु के पिपरहवा सिद्धार्थनगर, उत्तर प्रदेश में वर्ष 1898 में खुदाई के दौरान बुद्ध की अस्थि के साथ मिले आभूषण ब्रिटेन चले गए थे। लगभग 127 वर्ष बाद बुद्ध अवशेष वापस आने पर बौद्ध भिक्षुओं में खुशी की लहर है। धम्म शिक्षण संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष भीखु चंदीमा ने बताया कि 1898 में पिपरहवा में ब्रिटिश इंजीनियर विलियम पेपे को एक स्तूप की खुदाई में पत्थर के विशाल पात्र में बुद्ध की अस्थि सहित तत्कालीन आभूषण मिले थे। अंग्रेज उसे ब्रिटेन ले गए। खुदाई कर्ता को कुछ रत्न एवं पात्र रखने की अनुमति दी गई। वे अवशेष पेपे के परिवार के पास थे। विलियम के वंशज कृष पेपे उन्हें नीलाम करने जा रहा था। इसकी जानकारी पर केंद्र सरकार ने 5 मई, 2024 को कानूनी नोटिस जारी की। इसके बाद ये रत्न भारत आ गए। फिलहाल उन्हें नई दिल्ली स्थित संग्रहालय में रखा गया है। डॉ नरसिंह राम /ईएमएस