मुंबई (ईएमएस)। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने मौद्रिक नीति समिति की बैठक के बाद कहा कि अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर बनाए रखने के लिए जो भी आवश्यक होगा, आरबीआई वह करता रहेगा। उन्होंने बताया कि हाल ही में भारत ने ब्रिटेन, यूएई और ऑस्ट्रेलिया के साथ व्यापार समझौते किए हैं, जबकि अमेरिका, यूरोपीय संघ और अन्य देशों से बातचीत जारी है। गवर्नर ने कहा कि टैरिफ जैसे वैश्विक कारकों से अर्थव्यवस्था पर असर हो सकता है, लेकिन आरबीआई स्थिति पर नजर बनाए हुए है। उन्होंने बताया कि देश के पास 11 महीने के आयात को कवर करने योग्य विदेशी मुद्रा भंडार है। बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति भी संतोषजनक है—ग्रोस एनपीए 2.2 फीसदी और नेट एनपीए 0.5-0.6 फीसदी है। साथ ही सह-ऋण व्यवस्था पर नए दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं, जिससे रेगुलेटेड संस्थाएं आपस में ऋण वितरण कर सकेंगी। सतीश मोरे/7अगस्त