28-Aug-2025
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-जापान का क्यू-शिराताकी स्टेशन पर कोई नहीं करता था यात्रा, नहीं रुकती थी ट्रेन टोक्यो,(ईएमएस)। जापान के होक्काइडो इलाके में एक बेहद छोटा और अनोखा रेलवे स्टेशन है क्यू-शिराताकी स्टेशन। यह स्टेशन की खासियत है कि इसे कई सालों तक केवल एक छात्रा के लिए चालू रखा गया। दरअसल जापान रेलवे ने यह फैसला किया था कि जब तक उस लड़की की पढ़ाई पूरी नहीं हो जाती, तब तक स्टेशन बंद नहीं किया जाएगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक करीब 2013 में रेलवे अधिकारियों ने पाया कि इस स्टेशन से अब कोई यात्री यात्रा नहीं करता है। यात्रियों की संख्या इतनी कम थी कि यहां तक कि मालगाड़ियां भी रुकना बंद हो चुकी थीं। सामान्य परिस्थितियों में स्टेशन को बंद कर दिया जाता है, लेकिन यहां मामला कुछ अलग था। दरअसल, एक हाई स्कूल की छात्रा, काना हराडा, रोज इसी स्टेशन से स्कूल पढ़ने जाती थी। लोगों की अपील पर रेलवे ने इस स्टेशन को उसके लिए चालू रखने का फैसला लिया। खास बात यह थी कि ट्रेन का टाइमटेबल भी उसी के हिसाब से तय किया गया। सुबह उसकी पढ़ाई के लिए स्कूल ले जाने और शाम को वापस लाने के लिए ही ट्रेन यहां रुकती थी। इस तरह यह स्टेशन उस लड़की के लिए पढ़ाई की राह का सबसे अहम सहारा बना। काना हराडा की पढ़ाई पूरी होने तक रेलवे ने अपनी यह अनोखी सेवा जारी रखी। आखिरकार मार्च 2016 में जब उसने ग्रेजुएशन पूरी की, तो उसी दिन इस स्टेशन पर आखिरी बार ट्रेन रुकी और उसके बाद इसे आधिकारिक रूप से बंद कर दिया गया। यह घटना जापान की ट्रेन सेवा की मानवीय सोच और संवेदनशीलता का उदाहरण बन गई। जहां आमतौर पर मुनाफे को प्राथमिकता दी जाती है, वहीं इस मामले में एक छात्रा की शिक्षा को सबसे ऊपर रखा गया। इस फैसले ने दिखाया कि किसी भी देश की असली ताकत उसके नागरिकों की जरूरतों को समझने और उन्हें पूरा करने में है। सोशल मीडिया पर लोग जापानी रेलवे की खूब तारीफ कर रहे हैं। कई लोगों ने लिखा कि अगर कोई सरकार या संस्था किसी बच्चे की पढ़ाई के लिए इतना कर सकती है, तो यही सच्चा सुशासन है। क्यू-शिराताकी स्टेशन की यह अनोखी कहानी इस बात की याद दिलाती है कि हर बच्चा मायने रखता है और उसकी शिक्षा सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। सिराज/ईएमएस 28 अगस्त 2025