अंतर्राष्ट्रीय
29-Aug-2025
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वाशिंगटन (ईएमएस)। भारत विरोधी कहे जाने वाले जॉर्ज सोरोस की अब लंका लगने वाली है। भारत खिलाफ आग उगलने वाले सोरोस पर अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टेढ़ी नजर पड़ चुकी है। ट्रंप ने जॉर्ज सोरोस और उनके बेटे पर अमेरिका में हिंसक विरोध प्रदर्शनों का समर्थन करने का आरोप लगाया है। इतना ही नहीं, उनके खिलाफ आपराधिक मुकदमा चलाने की मांग की है। ट्रंप ने कहा कि जॉर्ज सोरोस और उनके अद्भुत कट्टरपंथी वामपंथी बेटे एलेक्स पर हिंसक विरोध प्रदर्शनों और अन्य कई चीजों का समर्थन करने के कारण रिको का आरोप लगाया जाना चाहिए। डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा, ‘जॉर्ज सोरोस और उनके अद्भुत कट्टरपंथी वामपंथी बेटे पर पूरे अमेरिका में हिंसक विरोध प्रदर्शनों और अन्य कई गतिविधियों का समर्थन करने के कारण रिको का आरोप लगाया जाना चाहिए। हम इन पागलों को अमेरिका को और बर्बाद करने की इजाजत नहीं देंगे। उसे ‘सांस लेने और आज़ाद होने का जरा भी मौका नहीं देंगे। सोरोस और उनके मनोरोगियों के समूह ने हमारे देश को बहुत नुकसान पहुंचाया है। इसमें उनके पागल, पश्चिमी तट के दोस्त भी शामिल हैं। सावधान रहें, हम आप पर नजर रख रहे हैं! इस मामले पर ध्यान देने के लिए धन्यवाद!’ दरअसल, रिको का पूरा नाम रैकेटियर इन्फ्लुएंस्ड एंड करप्ट ऑर्गेनाइजेशंस एक्ट है। यह एक अमेरिकी कानून है। यह 1970 में बनाया गया। इसका मकसद संगठित अपराध, जैसे माफिया, गैंग, या अवैध व्यापार करने वाले समूहों को रोकना है। यह कानून उन लोगों को सजा देता है जो आपराधिक गतिविधियों, जैसे ड्रग्स, हत्या, या रिश्वतखोरी, में शामिल संगठनों का हिस्सा होते हैं। रिको के तहत अपराधियों को लंबी सजा और भारी जुर्माना हो सकता है। यह संगठित अपराध को कम करने में मदद करता है। डोनाल्ड ट्रंप रिको के तहत ही जॉर्ज सोरोस पर एक्शन की मांग कर रहे हैं। हालांकि, किस आधार पर वह ऐसी बात कह रहे हैं, अभी इसकी डिटेल सामने नहीं आई है। इस बीच जॉर्ज सोरोस के फाउंडेशन का भी बयान आ गया है। सोरोस फाउंडेशन ने ट्रंप के आरोपों का खंडन किया है और ट्रंप के आरोपों को झूठा बताया है। सोरोस फाउंडेशन के प्रवक्ता ने बताया कि ये आरोप अपमानजनक और झूठे हैं। ओपन सोसाइटी फाउंडेशन हिंसक विरोध प्रदर्शनों का समर्थन या वित्तपोषण नहीं करता है। वीरेंद्र/ईएमएस 29 अगस्त 2025