-31 अगस्त से जाएंगे चीन, शी जिनपिंग और पुतिन से कर सकते हैं मुलाकात टोक्यो (ईएमएस)। पीएम नरेंद्र मोदी दो दिवसीय जापान यात्रा पर टोक्यो पहुंच गए हैं। यह उनकी पिछले सात सालों में जापान की पहली एकल द्विपक्षीय यात्रा है, जो भारत-जापान संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने की दिशा में अहम मानी जा रही है। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच व्यापक रणनीतिक, आर्थिक और वैश्विक सहयोग देना है। पीएम मोदी और जापानी नेतृत्व के बीच मौजूदा वैश्विक परिदृश्य खासकर अमेरिका और चीन के बीच चल रहे व्यापार युद्ध को देखते हुए एशिया में स्थिरता और संतुलन को लेकर भी विचार-विमर्श किया जाएगा। भारत के जापान में राजदूत सिबी जॉर्ज के मुताबिक इस यात्रा के दौरान पीएम मोदी कई महत्वपूर्ण राजनीतिक नेताओं और जापान में बसे भारतीय समुदाय से भी मुलाकात करेंगे। पीएम मोदी शु्क्रवार को व्यापारिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे, जहां दोनों देशों के उद्योगपतियों के साथ उन्नत प्रौद्योगिकी, निवेश और व्यापार के नए अवसरों पर चर्चा होगी। इस दौरान भारत में अत्याधुनिक शिंकानसेन बुलेट ट्रेन निर्माण की साझेदारी का भी ऐलान किया जा सकता है। इसके बाद वे जापानी गणमान्य व्यक्तियों से भेंट करेंगे और फिर शोरिंज़न-धरमाजी ज़ेन बौद्ध मंदिर जाएंगे। दोपहर 2:30 बजे से लेकर 5:15 बजे तक वे भारत-जापान वार्षिक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। 2024-25 के पहले नौ महीनों में भारत-जापान द्विपक्षीय व्यापार 21 अरब डॉलर के आंकड़े तक पहुंच गया है। जापान, भारत का पांचवां सबसे बड़ा एफडीआई स्रोत है, जहां से अब तक कुल 43.2 अरब डॉलर का निवेश आया है। पिछले साल जापान से भारत में 3.1 अरब डॉलर का प्रत्यक्ष विदेशी निवेश हुआ था, जबकि इस साल अप्रैल से दिसंबर के बीच यह आंकड़ा 1.36 अरब डॉलर रहा। पीएम मोदी के टोक्यो पहुंचने पर जापान में हिंदी प्रेम का दिल छू लेने वाला नज़ारा देखने को मिला। एक जापानी कलाकार ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि मैं अपने छात्रों के साथ पीएम मोदी का हिंदी में स्वागत करूंगी...‘पधारो म्हारे देस’। उन्होंने बताया कि वे साल 2020 से हिंदी सीख रही हैं और भारतीय संस्कृति से गहरा लगाव रखती हैं। जापान दौरे के बाद पीएम मोदी 31 अगस्त से 1 सितंबर तक चीन के तियानजिन में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। इस दौरान उनकी मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी होने की संभावना है। पीएम मोदी ने कहा कि भारत एससीओ का सक्रिय और रचनात्मक सदस्य है। हमारी अध्यक्षता के दौरान हमने नवाचार, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान जैसे क्षेत्रों में सहयोग की नई पहल की है। मुझे उम्मीद है कि जापान और चीन की ये यात्राएं भारत के राष्ट्रीय हितों को और मजबूती देंगी और क्षेत्रीय व वैश्विक स्थिरता, शांति और विकास में योगदान देंगी। सिराज/ईएमएस 29अगस्त25