सीएम बोले- निवेश के लिए सबका अभिनंदन ग्वालियर (ईएमएस) ।निवेश के लिए सबका अभिनंदन, कोई किसी से कम नहीं है। चाहे वह एक करोड़ दे या एक हजार करोड़। यह बात मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ग्वालियर रीजनल कॉन्क्लेव में कही। उन्होंने कहा कि अभी 3500 करोड़ के प्रस्ताव आए हैं। इससे पहले सीएम ने दूसरी दिन की कॉन्क्लेव का शुभारंभ किया। निवेशकों को भूमियों के आवंटन पत्र बांटे और कार्ययोजना का विमोचन और वर्चुअल शिलान्यास भी किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्थानीय लोगों को बहुत सी सौगातें मिली हैं। हम और आप मिलकर ऐसी ही प्रगति करते जाएंगे। भविष्य में हम नई दुनिया में पहुंचने वाले हैं। जब से हमारी सरकार बनी, एक-एक विषय को लेकर कॉन्क्लेव कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इंडिगो कंपनी 100 करोड़ सीएसआर फंड से मानसिंह के किले का नवीनीकरण करेगी। कार्यक्रम में पहुंचने से पहले मुख्यमंत्री ने निवेशकों से वन-टू-वन चर्चा की। मानसिंह विवि भवन के लिए 50 करोड़ दिए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में तानसेन का बड़ा नाम है। बैजू ताल को अच्छा करने के लिए एमओयू हुआ है। मानसिंह विवि के लिए 50 करोड़ की राशि दी है। इससे स्थाई भवन बनेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि यहां राजा मानसिंह का महल है और उसकी अपनी गाथा है। मानो आसमान से कोई तुकड़ा उतरकर यहां आ गया। महल की टाइल्स के कलर के आगे एशियन पेंट भी फेल है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक क्षेत्र में भाषण की लंबी आदत होती है। व्यापारियों को भारी लग रहा होगा। इसका भी आनंद लो। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री ने 10-11 साल के कार्यकाल में क्या-क्या काम किए। देश की विरासत को सामने लाने का प्रयास अकल्पनीय है। मेड इन इंडिया के लिए आगे बढ़ रहे हैं। अब डाटा बताता है कि 2014 के पहले भारत का नंबर क्या था। अब चौथी अर्थव्यवस्था बना और अब तीसरी बनेगा। आने वाले समय में ग्वालियर को और भी सौगात मिलेंगी। इन्वेस्र्ट समिट को डॉ. यादव ने व्यापकता दी विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मप्र में इन्वेस्र्ट समिट काफी होती रही हैं, जब से डॉ. मोहन यादव ने कार्यभार संभाला, तब से इस प्रकार के कार्यक्रम का जितना बारीकी से सोचकर विकेंद्रीकरण किया और इसको जितना व्याप्त दिया गया। उसकी तारीफ जितनी की जाए, उतना कम है। यह कॉन्फ्रेंस भोपाल-इंदौर में भी पूरे मप्र की हो सकती थी। इसे और अच्छे से भी संपन्न किया जा सकता था। हम जानते हैं जब संपूर्ण मप्र की बात एक ही जगह से करेंगे तो राज्य के कुछ पहलु ऐसे रह जाएंगे, जिन्हें छुआ नहीं जा पाएगा। सीएम और उनकी टीम रीवा, ग्वालियर, जबलपुर जाए और बारीक चीजों का अध्ययन कर लाया जाए, तो कोई अनछुआ नहीं रहेगा। जिसका उन्हें लाभ मिलेगा। निवेशकों ने निवेश का प्रॉमिस किया। सीएम के प्रयास मप्र की अर्थव्यवस्था को बल देंगे। रोजगार की जरूरत को पूरा करने में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा। आप जो विश्वास लेकर आए हैं वह पूरा होगा जल संसाधन एवं ग्वालियर के प्रभारी मंत्री तुलसीराम सिलावट ने कहा कि ग्वालियर जब भी कुछ करता है, अकल्पनीय-ऐतिहासिक करता है। प्रधानमंत्री के विकसित भारत के सपने को मप्र सरकार पूरा कर रहा है। सीएम के नेतृत्व में कला, संस्कृति, उद्योग में ग्वालियर के कई सबूत हैं। मैं मुख्यमंत्री की तरफ से कहता हूं आप जिस उद्देश्य, लक्ष्य और विश्वास लेकर आए हैं वह पूरा होगा। हम निवेशकों को रेड कॉर्पेट बिछाकर दे रहे पर्यटन-संस्कृति और धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व राज्य मंत्री धर्मेंद्र भाव सिंह लोधी ने कहा कि हम निवेशकों को रेड कॉर्पेट बिछाकर दे रहे हैं। पर्यटन नीति में सिंगल विंडो सिस्टम शुरू किया। पहले 30 अनुमति लगती थीं अब 10 लग रही हैं। उन्होंने कहा पर्यटन के क्षेत्र में मप्र देश में पहले नंबर पर कैसे आए इस दिशा में काम हो रहा है। मप्र हर क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ रहा है। यहां पर्यटन की असीम संभावना हैं। रीवा कॉन्क्लेव में 3000 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव आए थे। ग्वालियर में इससे भी ज्यादा के प्रस्ताव आएंगे। मप्र पर्यटन का हब बनने जा रहा है। कॉन्क्लेव में आए साथी ग्वालियर के आसपास के पर्यटन स्थलों को जरूर देखें। पिछले साल 13 करोड़ 47 लाख पर्यटक आए, जो बड़ा आंकड़ा है। सपने देखना बुरा नहीं, बिना वजह देखना खराब है अभिनेता पीयुष मिश्रा ने कहा-सपना देखना बुरा नहीं है, बिना वजह देखना खराब है। ग्वालियर में रहकर ऊपर जाने का सपना देखा था और अमिताभ बच्चन के साथ फिल्म पिंक की। नाट्य पर मप्र सरकार ने गौर किया। सिने एक्सपर्ट आएं और तकनीक के बारे में बताएं। अनप्रीपेड हालत में चले गए तो मुंबई खा जाती है। यहां ट्रेनिंग की जरूर है। ट्रेनिंग हो जाए और बुनियादी रूप से लोग तैयार हों, तो सिनेमा में जा सकते हैं। मप्र में पिछले पांच साल में फिल्म के लिए जो हुआ वो काबिले तारीफ है। अपील है कि मेरे जैसा बंदा 42 साल पहले सपना देख सकता है और सार्थक हो सकता है, तो अब क्यों नहीं।