कोरबा (ईएमएस) घरेलू गैस सिलेंडर में आग लगने या सार्वजनिक स्थानों पर आगजनी की स्थिति में त्वरित और सही कदम कैसे उठाए जाएं, इसका व्यावहारिक प्रशिक्षण एनसीसी कैडेट्स को दिया गया। यह प्रशिक्षण विद्युत गृह हायर सेकेंडरी स्कूल क्रमांक-1 के खेल मैदान में आयोजित किया गया, जिसमें आग पर नियंत्रण के प्रारंभिक उपायों की विस्तार से जानकारी दी गई। उल्लेखनीय है कि 1 सीजी एनसीसी बटालियन कोरबा द्वारा सरस्वती शिशु मंदिर, कोरबा में वार्षिक प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया जा रहा है, जिसका समापन 28 दिसंबर को होगा। कैंप कमांडेंट कर्नल सेंथिल कुमार एस. के नेतृत्व में कैडेट्स को प्रतिदिन सैन्य प्रशिक्षण के अंतर्गत शस्त्र प्रशिक्षण, फायरिंग, नेविगेशन, टेंट पिचिंग, ड्रिल, मैप रीडिंग सहित अन्य विषयों का अभ्यास कराया जा रहा है। साथ ही मोटिवेशनल एवं सुरक्षा संबंधी व्याख्यान भी नियमित रूप से दिए जा रहे हैं। इसी क्रम में आईपीका कोरबा की फायर फाइटिंग टीम के फायरमैन सुनील कश्यप, प्रेम लहरे, मानसिंह व ध्रुव, सोनुराम साहू, ग्रिजेश एवं प्रेमलाल साहू ने कैडेट्स को आगजनी की स्थिति में सबसे पहले 101 नंबर पर सूचना देने की सलाह दी। उन्होंने आग के विभिन्न प्रकारों की जानकारी देते हुए बताया कि किस प्रकार की आग में पानी, ठोस कार्बन डाइऑक्साइड या अन्य अग्निशमन उपकरणों का उपयोग करना चाहिए। प्रशिक्षण के दौरान सुरक्षा उपकरणों के प्रयोग की भी जानकारी दी गई। इस अवसर पर एडम ऑफिसर कर्नल अमित यादव, सूबेदार मेजर डूंगर सिंह, कैंप एडजुटेंट कैप्टन राजेंद्र सिंह, एएनओ सहित अन्य अधिकारी एवं जांजगीर, सरगुजा, कोरिया, पेंड्रा, बिलासपुर व कोरबा जिलों से आए लगभग 500 एनसीसी कैडेट्स उपस्थित रहे। कैडेट्स को प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जब कभी भी कहीं आगजनी की घटना हो तो कोशिश यह होनी चाहिए उस स्थल पर भीड़ न जुटे। क्योंकि इससे बचाव कार्य व आपातकालीन अग्निशमन सेवा में बाधा उत्पन्न होती है। यदि आग आपके कपड़ों में लग जाए तो भागे नहीं, इससे आग और भभकेगी, जमीन पर लेट जाएं और उलट-पुलट करें या कंबल, कोट या भारी कपड़े से ढंककर आग बुझाएं। जहरीली गैस तथा धुआं सबसे पहले छत की तरफ इकट्ठा होता है, इसलिए अगर धुआं हो तो जमीन पर झुककर या लेटकर निकलें। 26 दिसंबर / मित्तल