अंतर्राष्ट्रीय
29-Dec-2025
...


-खालिदा के बेटे रहमान को सहयोगी की बजाय मान रहे रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी ढाका,(ईएमएस)। बांग्लादेश की पूर्व पीएम खालिदा जिया परिवार के बेटे तारिक रहमान के देश लौटने के साथ ही चुनावी माहौल में गरमाहट आ गई है। तारिक की ढाका वापसी से बीएनपी के नेताओं और समर्थकों में जोश है। शेख हसीना की गैरमौजूदगी ने रहमान और उनकी पार्टी बीएनपी के लिए चुनावी मुकाबला आसान कर दिया है। एक तरफ बीएनपी बांग्लादेश में फरवरी में होने वाले चुनाव के लिए उत्साहित है। पार्टी तारिक को अगले पीएम के तौर पर देख रही है। दूसरी ओर जमात-ए-इस्लामी को चीजें अपने हाथ से निकलती लग रही हैं। मीडिया रिपोर्ट में एक इंटेलिजेंस असेसमेंट नोट के हवाले से बताया गया है कि चुनाव से ठीक पहले जमात-ए-इस्लामी की टेंशन बढ़ गई है। जमात के नेताओं को लगता है कि फरवरी के चुनाव में बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी बहुमत के साथ सरकार बना सकती है। ऐसे में जमात हाशिए पर आ जाएगी और बांग्लादेश की राजनीति में वापसी का उसका सपना टूट जाएगा। जमात के नेताओं का कहना है कि उनकी पार्टी पॉलिटिकल किंगमेकर के तौर पर अपना पारंपरिक दबदब खो रही है। तारिक रहमान की वापसी के बाद बीएनपी का नेशनल वोट शेयर 42-45 फीसदी तक पहुंचने का अनुमान है। यह बढ़त जमात-ए-इस्लामी के 8-10 फीसदी के सपोर्ट बेस से अलग है, जो सिलहट और उत्तरी रंगपुर में केंद्रित है। इससे जमात राष्ट्रीय मंच पर कमजोर पड़ रही है। बीएनपी के साथ मिलकर अवामी लीग से लड़ने वाली जमात के लोग फिलहाल तारिक रहमान को सहयोगी की बजाय रणनीतिक प्रतिद्वंद्वी मान रहे हैं। खासतौर से दक्षिणपंथी रुझान वाले अपने वोटरों के बीएनपी के पीछे एकजुट होने ने जमात की चिंता बढ़ा दी है। जमात के नेता मोहम्मद यूनुस पर तारिक रहमान के राजनीतिक पुनर्वास में मदद करने का आरोप लगा रहे हैं। जमात के नेता इसमें यूनुस की जून में तारिक रहमान के साथ लंदन में हुई मुलाकात को अहम मोड़ बता रहे हैं। इस बैठक के बाद के बयान में चुनाव की समय सीमा और लोकतांत्रिक व्यवस्था की बहाली का जिक्र किया गया। जमात ने बांग्लादेश के बाहर खासकर लंदन में हुई चुनाव से जुड़ी चर्चाओं पर कड़ी आपत्ति जताई है। जमात प्रमुख शफीकुर रहमान ने कथित तौर पर चिंता जताई कि इस तरह की विदेशी गतिविधियां सत्ता परिवर्तन प्रक्रिया में घरेलू राजनीतिक स्वामित्व को कमजोर करती हैं। जमात के नेता इस पर कैमरे के पीछे गुस्सा दिखा रहे हैं। तारिक रहमान के ढाका में बड़े पैमाने पर स्वागत से जमात की टेंशन बढ़ गई है। जमात नेताओं का आरोप है कि बीएनपी ने बड़ी रैलियों, पोस्टरों और मोटरकेड के जरिए चुनाव आचार संहिता के नियमों का उल्लंघन किया है। दूसरी ओर जमात के दीवारों पर लिखे नारे और बैनर हटा दिए। जमात को लगता है कि अंतरिम प्रशासन खुलकर बीएनपी की तरफदारी कर रहा है, जो चुनाव में उसे भारी पड़ेगी। सिराज/ईएमएस 29दिसंबर25