- सात दिन से लापता था मासूम - 9 घंटे तक सड़क जाम कर प्रदर्शन - प्रेम-प्रसंग बना हत्या की वजह? भोजपुर (बिहार)। बिहार के भोजपुर जिले से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। मामा के प्रेम-प्रसंग से जुड़े विवाद में 10 साल के मासूम भांजे की बेरहमी से हत्या कर दी गई। 22 दिसंबर से लापता बच्चे का शव सात दिन बाद 28 दिसंबर को गांव के एक कुएं से बरामद हुआ। शव मिलने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, वहीं गांव में आक्रोश का माहौल बन गया। यह सनसनीखेज मामला भोजपुर जिले के बड़हरा थाना क्षेत्र के बड़का लाहौर गांव का है। मृतक की पहचान 10 वर्षीय आदित्य कुमार के रूप में हुई है। रविवार सुबह गांव के कुछ बच्चे क्रिकेट खेल रहे थे, तभी उनकी नजर कुएं में पड़ी एक लाश पर गई। शोर मचने पर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी गई। जब शव को बाहर निकाला गया तो उसकी हालत बेहद भयावह थी। शरीर पूरी तरह सूज चुका था, आंखें और जीभ बाहर निकली हुई थीं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि हत्या कई दिन पहले की गई थी। परिजनों के अनुसार आदित्य 22 दिसंबर को अचानक घर से लापता हो गया था। परिवार ने आसपास रिश्तेदारों और गांव में काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद थाने में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई गई। परिजन लगातार बच्चे की तलाश और न्याय की गुहार लगाते रहे, लेकिन उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली। बच्चे का शव मिलने की खबर फैलते ही गांव में गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित ग्रामीणों और परिजनों ने शव को सड़क पर रखकर करीब 9 घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का आरोप था कि यदि पुलिस समय रहते गंभीरता से कार्रवाई करती, तो बच्चे की जान बच सकती थी। भारी हंगामे के बाद पुलिस अधिकारियों के समझाने पर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि आदित्य के मामा का एक लड़की से प्रेम-प्रसंग चल रहा था। इसी बात से नाराज लड़की के पिता कन्हैया ने इस वारदात को अंजाम दिया। मृतक के पिता रजनीकांत का कहना है कि कन्हैया ने पहले भी उनकी पत्नी को धमकी दी थी। उन्होंने आरोप लगाया कि बच्चे की गुमशुदगी की शिकायत के दौरान उन्होंने पुलिस को मौखिक रूप से आरोपी का नाम बताया था, लेकिन पुलिस ने उससे पूछताछ कर छोड़ दिया। पिता रजनीकांत का कहना है, “मैं कई बार थाने गया, हाथ जोड़कर न्याय की गुहार लगाई, लेकिन पुलिस ने मेरी कोई मदद नहीं की। अगर समय पर सख्त कार्रवाई होती, तो आज मेरा बेटा जिंदा होता।” उन्होंने पुलिस पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। इस मामले में एसडीपीओ-2 रंजीत कुमार ने बताया कि गुमशुदगी की लिखित शिकायत में किसी आरोपी का नाम दर्ज नहीं था। हालांकि, बच्चे का शव मिलने के बाद आरोपी कन्हैया को हिरासत में लिया गया है और उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।