राष्ट्रीय
01-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। अक्सर लोग मुंह में होने वाले छालों को पेट की गर्मी कहकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन हकीकत में यह समस्या शरीर के अंदर चल रही कई गड़बड़ियों का संकेत हो सकती है। मुंह के छाले जब बढ़ जाते हैं तो जलन और दर्द इतना ज्यादा हो जाता है कि खाना-पीना तक मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में बोलने में भी परेशानी होने लगती है। यही वजह है कि बार-बार होने वाले मुंह के छालों को हल्के में लेना सही नहीं माना जाता। स्वास्थ्य विशेषज्ञों और आयुर्वेद के अनुसार, मुंह में बार-बार छाले होना खराब पाचन तंत्र का संकेत हो सकता है। जब पाचन सही नहीं रहता, तो इसका असर सिर्फ पेट तक सीमित नहीं रहता, बल्कि मुंह, आंतों, लिवर और शरीर के अन्य अंगों पर भी पड़ता है। आयुर्वेद में मुंह के छालों को पित्त दोष से जोड़कर देखा जाता है। शरीर में पित्त बढ़ने पर मुंह में छाले होने लगते हैं। अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो छाले श्वास नली तक फैल सकते हैं और आगे चलकर पेट में अल्सर जैसी गंभीर समस्या भी पैदा कर सकते हैं। इसके अलावा मुंह के छालों के पीछे कई और कारण भी हो सकते हैं। पेट की अत्यधिक गर्मी, विटामिन बी12 की कमी, कब्ज की समस्या, ज्यादा मसालेदार और तला-भुना भोजन, मुंह में किसी तरह का संक्रमण या बार-बार दांतों से चोट लगना भी छालों का कारण बन सकता है। तनाव और कमजोर इम्युनिटी भी इस समस्या को बढ़ा देती है। आयुर्वेद में मुंह के छालों से राहत के लिए कुछ सरल लेकिन असरदार उपाय बताए गए हैं। मुलेठी पाउडर को शहद के साथ दिन में दो बार लेने से पेट की गर्मी शांत होती है और छालों में आराम मिलता है। त्रिफला चूर्ण को रात में गुनगुने पानी के साथ लेने से पाचन सुधरता है और कब्ज की समस्या दूर होती है, जिससे छालों की संभावना कम हो जाती है। नारियल पानी भी एक बेहतरीन प्राकृतिक उपाय है, जिसकी तासीर ठंडी होती है और यह पाचन शक्ति को मजबूत करता है। अगर छाले ज्यादा दर्दनाक हों तो रात में घी और मिश्री को मिलाकर जीभ पर लगाने से जलन कम होती है। इसके साथ ही फिटकरी को पानी में घोलकर कुल्ले करने से मुंह के संक्रमण में राहत मिलती है। इन उपायों के साथ खान-पान में सावधानी भी बेहद जरूरी है। बहुत ज्यादा मिर्च-मसालेदार और गर्म भोजन से बचें, जबकि दही, छाछ और ठंडे फलों को आहार में शामिल करें। हालांकि, अगर मुंह के छाले सात दिनों में ठीक न हों, बार-बार हों या असहनीय दर्द दें, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है, ताकि किसी गंभीर बीमारी की आशंका को समय रहते रोका जा सके। डेविड/ईएमएस 01 जनवरी 2026