राष्ट्रीय
01-Jan-2026
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नई दिल्ली (ईएमएस)। भारत में सेकंड हैंड यानी पुराने वाहनों के बढ़ते बाजार के साथ ही फ्रॉड और धोखाधड़ी के मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में विशेषज्ञों का कहना है कि थोड़ी सी सतर्कता आपको बड़े नुकसान से बचा सकती है। देश के प्रमुख यूज्ड कार प्लेटफॉर्म स्पिनी के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट गुरवीन बेदी के मुताबिक, ऑर्गनाइज़्ड और सर्टिफाइड प्लेटफॉर्म के जरिए पुरानी गाड़ी खरीदना सबसे सुरक्षित विकल्पों में से एक है। उन्होंने कहा कि फुल-स्टैक ऑपरेशन वाले प्लेटफॉर्म गाड़ी की क्वालिटी और पूरी ट्रांजैक्शन प्रोसेस की पारदर्शिता सुनिश्चित करते हैं, जिससे खरीदार और विक्रेता दोनों को भरोसा मिलता है। गुरवीन बेदी बताते हैं कि पुराना वाहन खरीदते समय सबसे पहले उसकी क्वालिटी पर ध्यान देना चाहिए। यह सुनिश्चित करें कि गाड़ी अच्छी कंडीशन में हो और उसकी नियमित सर्विसिंग हुई हो। इसके लिए सर्विस हिस्ट्री जरूर जांचें। दूसरा अहम पहलू है वेरिफाइड डॉक्यूमेंटेशन। यह देखना जरूरी है कि वाहन पर कोई लोन बाकी तो नहीं है, आरसी और इंश्योरेंस वैध हैं या नहीं, और कोई पेंडिंग चालान या एफआईआर दर्ज तो नहीं है। इसके साथ ही आरसी में दर्ज सभी विवरणों का सही तरीके से मिलान करना भविष्य की कानूनी परेशानियों से बचा सकता है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि खरीदार वारंटी और आफ्टर-सेल्स सपोर्ट की जानकारी जरूर लें। यदि वाहन पर किसी तरह की वारंटी उपलब्ध है, तो खरीद के बाद मरम्मत या तकनीकी समस्याओं में इसका लाभ मिल सकता है। गुरवीन बेदी के अनुसार, सबसे पहले वाहन पोर्टल पर यह जांचें कि गाड़ी पर कोई ओपन लोन तो नहीं है। साथ ही संबंधित बैंक से लोन क्लोजर और किसी भी बकाया राशि की पुष्टि करें, क्योंकि अधिकतर यूज्ड कार फ्रॉड ओपन लोन से जुड़े होते हैं। इसके अलावा, इंश्योरेंस दस्तावेजों को सीधे इंश्योरेंस कंपनी से वेरिफाई करना जरूरी है, क्योंकि फर्जी और एआई-जनरेटेड दस्तावेजों के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर यह भी जांचें कि वाहन से जुड़ा कोई चोरी या कानूनी मामला लंबित तो नहीं है। अंत में, इंजन नंबर, चेसिस नंबर और मालिक की जानकारी का आरसी से मिलान जरूर करें। सुदामा/ईएमएस 01 जनवरी 2026