अंतर्राष्ट्रीय
01-Jan-2026
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ढाका(ईएमएस)। बांग्लादेश के चर्चित भारत-विरोधी नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के मामले में मुख्य संदिग्ध फैसल करीम मसूद ने एक बार फिर अपनी चुप्पी तोड़ी है। मसूद ने 24 घंटे के भीतर अपना दूसरा सेल्फ-रिकॉर्डेड वीडियो संदेश जारी करते हुए खुद को पूरी तरह निर्दोष बताया है। सोशल मीडिया पर प्रसारित इस वीडियो में मसूद ने दावा किया है कि वह वर्तमान में दुबई में सुरक्षित है और हत्या के वक्त वह घटनास्थल या बांग्लादेश की सीमाओं के आसपास भी मौजूद नहीं था। मसूद ने स्पष्ट किया कि उसने कभी भारत में प्रवेश नहीं किया और पुलिस की जांच का यह हिस्सा पूरी तरह भ्रामक और गलत तथ्यों पर आधारित है। यह नया वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब सुरक्षा एजेंसियां उसकी तलाश में जुटी हैं। वीडियो में मसूद ने ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस के उन दावों को सिरे से खारिज कर दिया, जिनमें कहा गया था कि शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद वह हलुआघाट सीमा के जरिए अवैध रूप से भारत भाग गया है। मसूद ने शरीफ उस्मान हादी के साथ अपने संबंधों का खुलासा करते हुए बताया कि उसकी पहचान हादी से केवल व्यावसायिक और आईटी से जुड़े सरकारी ठेके हासिल करने के सिलसिले में हुई थी। उसने वीडियो में स्वीकार किया कि उसने मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली सरकार के करीबी हलकों में पैरवी और लॉबिंग के लिए हादी को पांच लाख टका दिए थे। मसूद के अनुसार, यह लेन-देन केवल व्यावसायिक मदद के लिए था और उनके बीच किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत रंजिश या विवाद नहीं था। उसने कहा कि हादी ने उसे नौकरी और अनुबंध दिलाने का भरोसा दिया था, जिसके बदले में यह राशि मांगी गई थी। इसके बाद दोनों के बीच राजनीतिक गतिविधियों और अंतरिम सरकार के कार्यक्रमों के लिए स्वयंसेवक जुटाने को लेकर भी बातचीत हुई थी। इससे पहले जारी अपने पहले वीडियो संदेश में मसूद ने सनसनीखेज आरोप लगाया था कि शरीफ उस्मान हादी की हत्या के पीछे जमात शिबिर से जुड़े लोगों का हाथ है। उसने दावा किया कि उसे और उसके परिवार को एक बड़ी साजिश के तहत इस मामले में फंसाया जा रहा है ताकि असली गुनहगारों को बचाया जा सके। गौरतलब है कि शरीफ उस्मान हादी जुलाई 2024 के बांग्लादेश छात्र आंदोलन के एक अत्यंत प्रभावशाली नेता थे। वह छात्र संगठन इंकलाब मंच के वरिष्ठ प्रवक्ता के रूप में सक्रिय थे और आगामी 12 फरवरी को होने वाले आम चुनावों के लिए ढाका के बिजयनगर क्षेत्र से अपनी उम्मीदवारी की घोषणा कर चुके थे। हादी पर ढाका में एक मस्जिद से निकलते समय नकाबपोश हमलावरों ने अंधाधुंध गोलीबारी की थी। गंभीर हालत में उन्हें इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था, जहां 18 दिसंबर को उन्होंने दम तोड़ दिया। हादी की मौत के बाद पूरे बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हिंसा और तनाव फैल गया था। प्रदर्शनकारियों ने भारतीय उच्चायोग की इमारत को निशाना बनाया और ढाका के प्रमुख मीडिया संस्थानों के दफ्तरों में आगजनी की। देश में फैली इस अशांति के बीच सुरक्षा एजेंसियां अब फैसल करीम मसूद के वीडियो की सत्यता और उसके दुबई में होने के दावों की गंभीरता से जांच कर रही हैं। यह मामला बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति और सुरक्षा व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। वीरेंद्र/ईएमएस/01 जनवरी 2026 --------------------------------------