ढाका,(ईएमएस)। ढाका में बुधवार को बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री बेगम खालिदा जिया को पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई। उनके अंतिम संस्कार में भारत की तरफ से विदेश मंत्री डॉ.एस.जयशंकर शामिल हुए। वहीं, बेगम जिया की अंतिम विदाई के कार्यक्रम से ठीक पहले भारत के विदेश मंत्री ने ढाका में ही पाकिस्तान की संसद (नेशनल असेंबली) के अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक से भी मुलाकात की है। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह पहला मौका है, जब दोनों देशों के शीर्ष नेताओं की सार्वजनिक रूप से यूं आमने-सामने की मुद्रा वाली मुलाकात हुई है। वहीं, इस घटना को भारत और पाकिस्तान के लिए कूटनीतिक लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुखिया मोहम्मद यूनुस ने अपनी एक एक्स पोस्ट में ढाका में हुई भारत-पाकिस्तान के नेताओं की मुलाकात की जानकारी दी है। उधर, डॉ.जयशंकर की एक्स पोस्ट के मुताबिक, ‘ढाका पहुंचने पर बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के पुत्र और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (बीएनपी) के कार्यवाहक अध्यक्ष तारिक रहमान से मुलाकात की। उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक निजी पत्र (शोक) सौंपा गया। भारत सरकार और देश की जनता की ओर से गहरी संवेदना व्यक्त की गई। उन्होंने कहा कि हमने विश्वास जताया कि बेगम खालिदा जिया की दूरदृष्टि और मूल्य हमारी साझेदारी के विकास का मार्गदर्शन करेंगे’। मोहम्मद यूनुस ने एक्स पोस्ट में बताया, पाकिस्तान की संसद के अध्यक्ष सरदार अयाज सादिक ने 31 दिसंबर को ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के अंतिम संस्कार कार्यक्रम में भाग लेने से ठीक पहले भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस.जयशंकर से मुलाकात की और हाथ मिलाकर उनका अभिवादन किया। उन्होंने ही अपनी पोस्ट के साथ दोनों की मुलाकात की एक तस्वीर भी सोशल मीडिया पर साझा की है। जिसकी जनसंचार के इस माध्यम पर काफी चर्चा हो रही है। यहां बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद ये पहला ऐसा मौका है जब भारत और पाकिस्तान के दो शीर्ष नेताओं के बीच इस अंदाज में मुलाकात हुई है। इससे पहले चीन के तियानजिन में हुए एससीओ देशों के राष्ट्राध्यक्षों के शिखर सम्मेलन के दौरान या उसके बाद ली गई ग्रुप फोटो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से हाथ मिलाना तो दूर उनकी तरफ देखा भी नहीं था। वहीं, वर्तमान में आतंकवाद को लेकर भारत की शून्य सहिष्णुता की नीति भी सख्ती के साथ बरकरार है।बताते चलें कि पूर्व में हुए एशिया कप मैच के दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने भी पाकिस्तान के खिलाड़ियों से दूरी बनाते हुए उनसे हाथ नहीं मिलाया था। इस पर काफी विवाद भी हुआ था। लेकिन इसके बाद तो देश के खिलाड़ियों ने एसीसी के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से भी साफ तौर पर इंकार कर दिया था। नकवी न केवल पाक क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष हैं, बल्कि पाकिस्तान सरकार में मंत्री भी हैं। वीरेंद्र/ईएमएस/01 जनवरी 2026