- नेहरू चौक से कलेक्ट्रेट तक जोरदार रैली बिलासपुर (ईएमएस)। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने शासकीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की लंबित मांगों को लेकर बुधवार को बिलासपुर में जोरदार शक्ति प्रदर्शन किया। तीन दिवसीय सामूहिक अवकाश आंदोलन के तहत आज तीसरे दिन नेहरू चौक से कलेक्ट्रेट तक विशाल रैली निकाली गई, जिसमें सैकड़ों कर्मचारी एकजुट होकर शामिल हुए। रैली के समापन पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय एवं मुख्य सचिव के नाम कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया। रैली के दौरान कर्मचारियों के हाथों में मांगों से जुड़े पोस्टर-बैनर थे और सरकार के खिलाफ नारेबाजी होती रही। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता (ष्ठ्र) और पेंशनभोगियों को महंगाई राहत (ष्ठक्र) नहीं दिया जाना कर्मचारियों के साथ अन्याय है। लगातार बढ़ती महंगाई के बीच लंबे समय से लंबित मांगों की अनदेखी से कर्मचारियों में भारी असंतोष व्याप्त है। ‘मोदी की गारंटी’ के वादों को लागू करने की मांग छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन की जिला इकाई बिलासपुर द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में ‘मोदी की गारंटी’ के तहत किए गए वादों को शीघ्र लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई। फेडरेशन ने कहा कि प्रदेश के कर्मचारी और पेंशनभोगी लंबे समय से केंद्र के समान सुविधाओं की प्रतीक्षा कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया है। ज्ञापन में फेडरेशन ने 11 सूत्रीय प्रमुख मांगें रखीं, जिनमें— वर्ष 2019 से लंबित डीए एरियर्स की राशि कर्मचारियों के त्रक्कस्न खाते में समायोजित किए जाने की मांग, पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक कर लिपिक, शिक्षक, स्वास्थ्य विभाग सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियों का निराकरण, 8, 16, 24 और 32 वर्ष की सेवा पूर्ण करने पर चार स्तरीय पदोन्नत समयमान वेतनमान लागू करने की मांग, मध्य प्रदेश की तर्ज पर अर्जित अवकाश नकदीकरण की सीमा 300 दिवस करने की मांग। नियमितीकरण और अनुकंपा नियुक्ति का मुद्दा फेडरेशन ने कार्यभारित, दैनिक वेतनभोगी, अनियमित एवं संविदा कर्मचारियों के नियमितीकरण की मांग को प्रमुखता से उठाया। इसके साथ ही अनुकंपा नियुक्ति में लागू 10 प्रतिशत सीमा समाप्त कर सभी रिक्त पदों पर नि:शर्त नियुक्ति देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। ज्ञापन में सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को त्रिस्तरीय समयमान वेतनमान, नगरीय निकाय कर्मचारियों को नियमित मासिक वेतन एवं समयबद्ध पदोन्नति, प्रदेश में कैशलेस चिकित्सा सुविधा, सेवानिवृत्ति आयु में समानता लाते हुए इसे 65 वर्ष करने तथा ऑनलाइन उपस्थिति मोबाइल ऐप (ङ्कस््य) की अनिवार्यता समाप्त करने जैसी मांगें भी रखी गईं। नेहरू चौक पर हुआ धरना, नेताओं ने साधा निशाना इससे पहले आंदोलन के दौरान नेहरू चौक पर कर्मचारियों ने धरना-प्रदर्शन किया। फेडरेशन के संभाग प्रभारी जी.आर. चंद्रा, जिला संयोजक डॉ. बी.पी. सोनी और महासचिव किशोर शर्मा ने कहा कि केंद्र के समान देय तिथि से महंगाई भत्ता नहीं मिलने और अन्य मांगों की लगातार अनदेखी से कर्मचारियों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। धरना स्थल पर जी.आर. चंद्रा, रोहित तिवारी, आलोक परांजपे, सुनील यादव, चंद्रशेखर पांडे, रामकुमार यादव, उमेश कश्यप, सुनील सोनी, संतोष कुमार साहू, ईश्वर प्रसाद सोनवानी और प्रशांत मुकासे ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन में कैलाश गजभिए, राजेश्वर वस्त्रकार, शंकर मेश्राम, अजय भारती, अभिषेक तिवारी, अशोक ब्रह्म भट्ट सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी साथी मौजूद रहे। बिलासपुर में निकली इस रैली के जरिए कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के समक्ष अपनी लंबित मांगों को मजबूती से रखा और प्रदेशव्यापी आंदोलन की गूंज शहर की सडक़ों तक साफ नजर आई। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 01 जनवरी 2025