क्षेत्रीय
01-Jan-2026
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- अब योजनाएं सिर्फ कागज़ों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए बिलासपुर (ईएमएस)। प्रशासनिक सुस्ती पर ब्रेक लगाते हुए कलेक्टर संजय अग्रवाल ने मंगलवार को साफ शब्दों में संकेत दे दिया कि अब योजनाएं सिर्फ कागज़ों में नहीं, जमीन पर दिखनी चाहिए। साप्ताहिक टीएल बैठक में उन्होंने राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं और लंबित मामलों की बारीकी से समीक्षा करते हुए अधिकारियों को फरवरी 2026 तक हितग्राही मूलक योजनाओं के लक्ष्य हर हाल में पूरे करने का निर्देश दिया। कलेक्टर ने स्कूली बच्चों के जाति प्रमाण पत्र को लेकर स्पष्ट समय-सीमा तय करते हुए कहा कि 15 जनवरी तक एक भी बच्चा प्रमाण पत्र से वंचित नहीं रहना चाहिए। स्कूल शिक्षा और राजस्व विभाग को आपसी समन्वय के साथ काम पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया। साफ संदेश था कि अब देरी को बहाना नहीं माना जाएगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में राहत की खबर देते हुए कलेक्टर ने बताया कि 15 जनवरी को सिम्स बिलासपुर में नि:शुल्क स्पाइन सर्जरी शिविर आयोजित किया जा रहा है। देश के चर्चित स्पाइन सर्जन डॉ. भोजराज शिविर में सेवाएं देंगे। अब तक करीब एक दर्जन गंभीर मरीजों का चयन किया जा चुका है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह पहल किसी वरदान से कम नहीं मानी जा रही। पशुधन संरक्षण की दिशा में भी जिले में काम आगे बढ़ा है। लाखासार तखतपुर और ओखर मस्तुरी में दो गौधामों का संचालन शुरू हो चुका है। करीब 200 गौवंशों की देखरेख हो रही है। इसके अलावा 14 नए गौधामों के प्रस्ताव गौ सेवा आयोग को भेजे गए हैं। प्रधानमंत्री आवास योजना की धीमी रफ्तार पर कलेक्टर ने नाराजगी जताते हुए साफ कहा कि निर्माण कार्य में तेजी लाई जाए। फिलहाल जिले में लगभग 43 हजार आवास निर्माणाधीन हैं। साथ ही पीएम अभ्युदय योजना के तहत अनुसूचित जाति वर्ग के अधिकाधिक उद्यमियों को जोडऩे के निर्देश दिए गए, ताकि उन्हें मिलने वाली सब्सिडी का वास्तविक लाभ जमीन पर दिख सके। बैठक का एक अहम फोकस कोपरा जलाशय रहा। कलेक्टर ने रामसर साइट के मानकों के अनुरूप जलाशय विकास की ठोस कार्य-योजना तैयार करने के निर्देश दिए। वन विभाग और जिला पंचायत को संयुक्त रूप से काम करने को कहा गया। जलाशय में अवैध मछलीपालन पर सख्त रोक लगाने, पक्षी अवलोकन के लिए वॉच टॉवर और दूरबीन की व्यवस्था करने तथा स्थानीय स्व-सहायता समूहों को प्रशिक्षण और रोजगार से जोडऩे पर भी जोर दिया गया। कलेक्टर ने ठेकेदारों और वेंडरों के भुगतान को लेकर भी स्पष्ट निर्देश दिए कि गुणवत्ता पूर्ण कार्य होने पर निरीक्षण कर भुगतान में देरी न की जाए, ताकि उन्हें कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। इसके अलावा श्रम विभाग की कल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा करते हुए हर पात्र श्रमिक तक लाभ पहुंचाने के निर्देश दिए गए। मनोज राज/योगेश विश्वकर्मा 01 जनवरी 2025