अंतर्राष्ट्रीय
01-Jan-2026


तेहरान,(ईएमएस)। ईरान की मुद्रा रियाल अमेरिकी डॉलर के मुकाबले गिरकर इतिहास के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गई है। ताजा आंकड़ों के मुताबिक अब 1 अमेरिकी डॉलर खरीदने के लिए करीब 14 लाख ईरानी रियाल खर्च करने पड़ रहे हैं। इस गिरावट के बाद देश में महंगाई और बढ़ गई है। रियाल में यह भारी गिरावट तब हुई, है जब ईरान पहले से ही अमेरिकी और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों, क्षेत्रीय तनावों और घरेलू आर्थिक कुप्रबंधन से जूझ रहा है। डॉलर के मुकाबले रियाल के टूटने से आयात बेहद महंगा हुआ है, जिसका सीधा असर आम लोगों की जिंदगी पर पड़ रहा है। हालात इतने बिगड़ गए कि ईरान के सेंट्रल बैंक के प्रमुख मोहम्मद रजा फरजिन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। रियाल के रिकॉर्ड निचले स्तर पर पहुंचते ही तेहरान और कई अन्य शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। लोग बढ़ती महंगाई, गिरती क्रय शक्ति और सरकार की आर्थिक नीतियों से नाराज हैं। ईरान के स्टेट स्टैटिस्टिक्स सेंटर के मुताबिक, दिसंबर में देश की महंगाई दर 42.2 प्रतिशत तक पहुंच गई, जो पिछले साल इसी समय की तुलना में कहीं ज्यादा है। यह दर नवंबर के मुकाबले भी 1.8 प्रतिशत अधिक है। सबसे ज्यादा मार आम लोगों की रोजमर्रा की जरूरतों पर पड़ी है। आंकड़ों के अनुसार, खाने-पीने की चीजों की कीमतें पिछले साल दिसंबर की तुलना में करीब 72 प्रतिशत बढ़ गई हैं। स्वास्थ्य और मेडिकल सेवाओं की लागत में लगभग 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इस बीच ईरान के सरकारी मीडिया में आई खबरों ने चिंता और बढ़ा दी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, सरकार 21 मार्च से शुरू होने वाले ईरानी नए साल से टैक्स बढ़ाने की योजना बना रही है। इस समय में जब लोग पहले ही महंगाई से परेशान हैं, टैक्स बढ़ने की आशंका ने गुस्से और डर दोनों को बढ़ा दिया है। आशीष दुबे / 01 जनवरी 2026