ईज ऑफ लिविंग और ईज ऑफ डूइंग बिजनेस से मप्र को अग्रणी राज्य बनाएं भोपाल(ईएमएस)। नववर्ष 2026 के पहले दिन मध्यप्रदेश के मुख्य सचिव अनुराग जैन ने सभी विभागों को नई ऊर्जा और स्पष्ट विजन के साथ काम करने का संदेश दिया। गुरुवार को मंत्रालय वल्लभ भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने विभागीय लक्ष्यों और कार्ययोजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के ‘विजन 2047-विकसित भारत’ के अनुरूप मध्यप्रदेश की भूमिका तय करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। मुख्य सचिव ने अधिकारियों से अपेक्षा की कि वे ‘ईज ऑफ लिविंग’ और ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को प्राथमिकता देते हुए आम नागरिक के जीवन, रोजगार और व्यवसाय को सरल, सुगम और पारदर्शी बनाने के लिए नियम-कानूनों में आवश्यक सुधार करें। बैठक के दौरान अधिकारियों ने नववर्ष के अवसर पर मुख्य सचिव अनुराग जैन और पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना को शुभकामनाएं भी दीं। मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि चालू वित्तीय वर्ष के शेष तीन माह के निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा किया जाए और वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए मिशन मोड में विभागीय कार्ययोजनाएं तैयार की जाएं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2028 तक अब रोलिंग बजट की व्यवस्था लागू होगी, इसलिए सभी विभाग अगले तीन वर्षों के लिए गरीब, अन्नदाता, युवा और नारी सशक्तिकरण को केंद्र में रखकर योजनाएं तैयार करें। मुख्य सचिव अनुराग जैन ने प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हुई मुख्य सचिवों की कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश के देश के अग्रणी पाँच राज्यों में शामिल होने पर अधिकारियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि मानव संसाधन विकास को ‘विकसित भारत’ के राष्ट्रीय एजेंडे से जोड़ते हुए राज्य स्तर पर ठोस प्रयास किए जाएं। साथ ही 1947 और 1950 से पहले के पुराने नियम-कानूनों की समीक्षा कर उन्हें आम जनता की सुविधा के अनुसार पुन: डिज़ाइन करने के निर्देश दिए। बड़े प्रोजेक्ट्स की नियमित निगरानी करें मुख्य सचिव ने राज्य में चल रही और प्रस्तावित बड़ी परियोजनाओं को समय-सीमा में पूरा करने को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रोजेक्ट टाइम मैनेजमेंट प्लान के तहत साप्ताहिक, मासिक और त्रैमासिक समीक्षा की जाए तथा आवश्यकता पडऩे पर दैनिक मॉनिटरिंग भी सुनिश्चित की जाए। विभागों के बीच समन्वय से जुड़ी समस्याओं को तत्काल संज्ञान में लाने को कहा गया। इंदौर में हाल में हुई एक घटना पर दुख व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए ठोस कदम उठाए जाएं। उन्होंने कहा कि किसी भी आपात स्थिति में संबंधित विभाग तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू करें और स्थानीय स्तर पर स्थायी समाधान तलाशे जाएं। बैठक में एमपी ई-सेवा ऐप की प्रगति की भी समीक्षा की गई। बताया गया कि ऐप पर अब तक 500 से अधिक सेवाएं उपलब्ध हैं। जनवरी तक 1200 और मार्च 2026 तक 1800 सेवाएं आम नागरिकों को उपलब्ध कराने की योजना है। मुख्य सचिव ने सभी विभागों से समन्वय कर ऐप को अधिक उपयोगी बनाने के निर्देश दिए। विनोद उपाध्याय / 01 जनवरी, 2026