:: अपर मुख्य सचिव और निगम आयुक्त ने किया ग्राउंड जीरो का दौरा; टंकी से लेकर घरों तक सैंपलिंग तेज :: :: मंत्री विजयवर्गीय के वायरल वीडियो के बीच प्रशासन मुस्तैद; स्वास्थ्य विभाग की 21 टीमों ने 8 हजार से अधिक लोगों की जांच की :: :: सरकारी आंकड़ों में 4 मौतें, स्थानीय निवासियों का दावा 10 से पार; अब भी 32 मरीज आईसीयू में भर्ती :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से उपजे डायरिया के घातक प्रकोप के बाद अब प्रशासन और स्वास्थ्य अमला पूरी तरह अलर्ट मोड पर है। नगरीय विकास एवं आवास विभाग के अपर मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे ने गुरुवार को स्वयं मोर्चा संभालते हुए भागीरथपुरा की गलियों में पैदल भ्रमण किया। इस दौरान उनके साथ निगम आयुक्त दिलीप कुमार यादव भी मौजूद रहे। यह प्रशासनिक सक्रियता ऐसे समय में दिखी है जब क्षेत्र में बदइंतजामी और मौतों को लेकर स्थानीय निवासियों में भारी रोष है। :: खुद हाथ में लिया पानी, परखी गुणवत्ता :: निरीक्षण के दौरान एसीएस संजय दुबे की मौजूदगी में ही भागीरथपुरा पानी की टंकी से जलप्रदाय शुरू किया गया। दुबे ने जलप्रदाय लाइन का अवलोकन करते हुए स्वयं पानी के सैंपल हाथ में लेकर चेक किए। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि सप्लाई के दौरान घरों तक पहुँचने वाले पानी की शुद्धता की मौके पर ही जांच की जाए। वर्तमान में क्षेत्र में पाइपलाइन के साथ-साथ टैंकरों से भी स्वच्छ जलप्रदाय किया जा रहा है और सीवरेज लाइन के लीकेज सुधारने का कार्य युद्धस्तर पर जारी है। :: स्वास्थ्य सेवाओं का ताज़ा हाल : 21 टीमें और 1714 घरों का सर्वे :: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. माधव प्रसाद हासानी ने बताया कि कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की 21 टीमें (डॉक्टर, पैरामेडिकल, आशा कार्यकर्ता) तैनात हैं। - जांच : गुरूवार को 1714 घरों के सर्वे में 8571 लोगों की जांच की गई, जिसमें 338 नए मरीज मिले। - भर्ती : अब तक कुल 272 मरीज अस्पताल पहुंचे, जिनमें से 201 अभी भी उपचाराधीन हैं। - गंभीरता : वर्तमान में 32 मरीज आईसीयू में भर्ती हैं, जबकि 71 मरीजों को ठीक होने के बाद डिस्चार्ज किया गया है। - इलाज : एमवाय, अरविंदो और चाचा नेहरू अस्पताल के साथ-साथ निजी अस्पतालों में भी मरीजों के निःशुल्क उपचार और दवाइयों के निर्देश दिए गए हैं। क्षेत्र में 7 एम्बुलेंस 24x7 तैनात हैं। - आंकड़ों का विवाद : जहाँ सरकारी आंकड़ों में अब तक 4 मौतों की पुष्टि की गई है, वहीं स्थानीय निवासियों और परिजनों का दावा है कि मौतों का वास्तविक आंकड़ा 10 के पार पहुँच चुका है। :: मंत्री विजयवर्गीय के व्यवहार से गरमाया सियासी पारा :: एक ओर जहाँ प्रशासन जमीन पर काम कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वरिष्ठ मंत्री कैलाश विजयवर्गीय का एक वीडियो सोशल मीडिया पर बवाल मचा रहा है। बुधवार रात दौरे के दौरान जब पत्रकार ने मुआवजे और बदइंतजामी पर सवाल पूछे, तो मंत्री भड़क गए। उन्होंने सवाल को फोकट बताते हुए कथित तौर पर घंटा जैसे अमर्यादित शब्द का प्रयोग किया। विपक्ष ने इस व्यवहार को पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा बताया है और इसे सत्ता का अहंकार करार दिया है। :: आयुष्मान क्लिनिक और लीकेज कार्यों का अवलोकन :: एसीएस दुबे ने भागीरथपुरा स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर (शहरी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र) का भी निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मरीजों के स्वास्थ्य रजिस्टर की जांच की और निर्देश दिए कि हर मरीज की जानकारी और उन्हें रेफर किए जाने की प्रक्रिया पारदर्शी रहे। क्षेत्र में लगातार मुनादी (अनाउंसमेंट) कराई जा रही है कि नागरिक पानी उबालकर और छानकर ही पिएं। प्रशासनिक मुस्तैदी के बीच, भागीरथपुरा के नागरिक अब राहत की उम्मीद लगाए बैठे हैं। प्रकाश / 01 जनवरी 2026