अंतर्राष्ट्रीय
02-Jan-2026


क्वेटा (ईएमएस)। पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) में हिजबुल मुजाहिदीन के शीर्ष कमांडर अबू मुस्लिम अब्दुल्ला की मौत की खबर ने आतंकी संगठन में दहशत और मातम है। बताया जा रहा है कि अब्दुल्ला कश्मीर के बांडीपोरा का निवासी था और कुछ समय से मुजफ्फराबाद में रह रहा था। उसकी मौत के बाद हिजबुल के आतंकवादी छाती पीट-पीट कर रोने के लिए इकट्ठा हुए और नमाज-ए-जनाजा अदा की गई। अबू मुस्लिम आतंकवादी करतूतों के बाद मुजफ्फराबाद में छुप जाता था। सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, वह हिजबुल प्रोपगेंडा फैलाने और कश्मीर के युवाओं का ब्रेनवॉश करने का माहिर था। वह जिहाद के नाम पर सुसाइड मिशन के लिए लड़कों को तैयार करता और सोशल मीडिया व आतंकी पत्रिकाओं के जरिए भारत विरोधी नैरेटिव सेट करता था। हाल के दिनों में पाकिस्तान और पीओके में कई आतंकवादी अज्ञात कारणों से खत्म हो रहे हैं, जिससे हिजबुल के आकाओं की नींद उड़ गई है। सुरक्षित माने जाने वाले घरों में अब ये आतंकी खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहे हैं। अबू मुस्लिम अब्दुल्ला के लिए यूनाइटेड जिहाद काउंसिल के चेयरमैन सैयद सलाहुद्दीन भी नमाज-ए-जनाजा में मौजूद थे और आतंकवादी की तारीफें की। इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि पाकिस्तान किस तरह आतंकवादियों को पाल रहा है और उनके खुले समर्थन से यह संगठन सक्रिय रहता है। इस मौत ने हिजबुल मुजाहिदीन में डर और तनाव का माहौल पैदा कर दिया है, और संगठन के लिए यह बड़ा झटका साबित हुआ है। आशीष दुबे / 2 जनवरी 2026