भोपाल (ईएमएस)। मध्यप्रदेश के नर्मदापुरम जिले के जंगलों में विशेष प्रजाति के गोल्डन ताकू टीक (सुनहरा सागौन) की बड़े पैमाने पर अवैध कटाई के मामले में वन विभाग ने सख्त एकशन लिया हैं। दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों से कुल 2.82 करोड़ की वसूली होगी। इस मामले में नर्मदापुरम के डीएफओ और आईएफएस अधिकारी मयंक गुर्जर को चार्जशीट जारी की गई है। साथ ही वन अमले की मिलीभगत को लेकर विभागीय जांच शुरू करने का प्रस्ताव राज्य शासन को भेजा जा रहा है। वन विभाग संरक्षण शाखा के प्रभारी पीसीसीएफ बिभाष ठाकुर के अनुसार, यह बीते दो दशकों में जंगलों में अवैध कटाई का सबसे बड़ा मामला है। वन बल प्रमुख विजय कुमार अंबाड़े ने नर्मदापुरम के सीसीएफ अशोक कुमार को भी नोटिस जारी कर गंभीर अनुशासनहीनता और आदेशों की अवहेलना पर जवाब तलब किया है। आरोप है कि उन्होंने डीएफओ को बचाने का प्रयास किया। विधानसभा के शीत सत्र में पिपरिया विधायक ठाकुरदास नागवंशी ने सवाल लगाया था। जिसके जवाब में सरकार ने माना कि नर्मदापुरम जिले में मार्च 2024 से अक्टूबर 2024 के बीच वन क्षेत्रों में 6,275 हरे-भरे बड़े पेड़ों की कटाई हुई है। कटाई वाले क्षेत्रों में पदस्थ बीटगार्डों पर कार्रवाई कर दी गई, लेकिन डिप्टी रेंजर, रेंजर, एसडीओ, डीएफओ और सीसीएफ के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। नर्मदापुरम जिले से लगातार पेड़ कटाई की शिकायतें वन मुख्यालय और राज्य शासन को मिल रही थीं। डीएफओ को निर्देश दिए जाने के बावजूद स्थानीय स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके बाद पीसीसीएफ बिभाष ठाकुर ने भोपाल से उड़नदस्ता भेजकर मामले की जांच कराई। जांच में पूरे नर्मदापुरम जिले में मार्च 2024 से अक्टूबर 2025 तक की अवधि में काटे गए 6,275 पेड़ों के ठूंठ पाए गए। इनमें सबसे कीमती 1,200 से अधिक पेड़ गोल्डन ताकू टीक (सुनहरा सागौन) के पेड़ इटारसी की छीपाखापा बीट में काटे गए हैं। इटारसी की रेलवे और हाईवे कनेक्टिविटी के कारण यहां से अवैध लकड़ी देशभर में सप्लाई की जा रही थी। वन विभाग के अनुसार, पिछले दो वर्षों में अवैध कटाई के 2,507 केस दर्ज किए गए हैं। आशीष दुबे / 02 जनवरी 2026