राष्ट्रीय
02-Jan-2026


उदयपुर (ईएमएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि शिक्षा व्यवस्था की मजबूती का आधार शिक्षक होता है। शिक्षक को समाज में सम्मान की दृष्टि से देखा जाना चाहिए, क्योंकि इतिहास इस बात का साक्षी है कि शिक्षकों ने अनेक बार सामाजिक परिवर्तनों की नींव रखी है। उदयपुर में एक कार्यक्रम में रक्षामंत्री ने कहा कि जो झुकना जानता है, वही उठना भी जानता है। शिक्षा को सम्मान देने से शिक्षा स्वयं विकास का पर्याय बन जाती है। ज्ञान के समुचित उपयोग के लिए विवेक अनिवार्य है। विवेकयुक्त ज्ञान ही कल्याणकारी होता है, अन्यथा वही ज्ञान विनाश का कारण भी बन सकता है। विवेक का विकास व्यक्ति के भीतर आवश्यक है। विद्यार्थियों को कैसे सोचना है और सर्वांगीण दृष्टिकोण कैसे विकसित करना है, इस दिशा में विश्वविद्यालयों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शिक्षा केवल ज्ञान अर्जन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज, राष्ट्र और भावी पीढ़ियों के निर्माण का सशक्त आधार है। शिक्षा वही सफल मानी जाती है जो धर्म को धारण कराए। यहां धर्म का तात्पर्य किसी संप्रदाय से नहीं, बल्कि उस दायित्वबोध और चेतना से है जो मानव चरित्र का निर्माण करती है। शिक्षा केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों, संवेदनाओं तथा आंतरिक गुणों और शक्तियों के विकास का साधन है। आस्था और विश्वास के बल पर जीवन की बड़ी से बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है। सुबोध/०२-०१-२०२६