क्षेत्रीय
02-Jan-2026
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भोपाल (ईएमएस) । राजधानी के सर्राफा बाजार में एक दुकान से दिनदहाड़े चोरी का मामला सामना आया है जो कि पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। चोरी को 10 दिन बीत चुके हैं, सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस के पास है, आरोपी महिला की पहचान भी हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। पीड़ित दुकानदार का आरोप है कि कोतवाली पुलिस चोर पकड़ने के बजाय मामले को दबाने और समझौते की कोशिश में जुटी है। दुकानदार का यह भी कहना है कि थाने के चक्कर काटते-काटते 10 दिन निकल गए, लेकिन हर बार जांच का हवाला देकर उसे लौटा दिया गया। इस पूरे मामले ने राजधानी में यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या अपराध के आंकड़े कम दिखाने के लिए एफआईआर दर्ज करने से बचा जा रहा है। यह मामला 24 दिसंबर का है, जब चौक बाजार स्थित ज्वेलर्स की दुकान पर एक महिला ग्राहक बनकर पहुंची। दुकान संचालक कासिम के मुताबिक महिला ने चांदी की पायल देखने के बहाने बातचीत शुरू की। इसके बाद उसने गले की चेन, नाक की लॉन्ग और मोती की अंगूठी भी दिखाने को कहा। महिला जिस-जिस ज्वेलरी को देखने की बात करती, दुकानदार और कर्मचारी उसे काउंटर पर रखते जाते। उस वक्त दुकान में दो अन्य ग्राहक भी मौजूद थे। इसी भीड़ और ध्यान भटकाने के बीच महिला ने एक-एक कर कई जेवरात अपने दुपट्टे के पीछे छुपा लिए और बिना खरीदी किए दुकान से निकल गई। महिला के जाने के बाद जब दुकान में ज्वेलरी का मिलान किया गया, तो एक अंगूठी, एक चेन, एक पायल और एक लॉन्ग गायब मिली। इसके बाद दुकानदार ने तुरंत दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में साफ दिखाई दे रहा है कि महिला किस तरह बड़ी सफाई से ज्वेलरी को उठाकर अपने दुपट्टे में छुपा रही है। दुकानदार का कहना है कि चोरी पूरी तरह कैमरे में रिकॉर्ड है और इसमें किसी तरह का कोई संदेह नहीं है। इसके बावजूद पुलिस की ओर से कार्रवाई न होना बेहद हैरान करने वाला है। कासिम का आरोप है कि चोरी का पता चलते ही वह उसी दिन सीसीटीवी फुटेज और लिखित आवेदन लेकर कोतवाली थाने पहुंचे। वहां उन्हें यह कहकर लौटा दिया गया कि रात हो गई है, सुबह आकर एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। दुकानदार कासिम के अनुसार, आरोपी महिला की पहचान सीमा सेन के रूप में हुई है, जो करोंद क्षेत्र की रहने वाली है। जिस दिन चोरी हुई, वह महिला दुकान पर दूसरी बार आई थी। दुकानदार का कहना है कि पुलिस के पास महिला का नाम, पता और सीसीटीवी फुटेज होने के बावजूद 10 दिन बीत जाने के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। इससे साफ है कि पुलिस या तो मामले को हल्के में ले रही है या फिर किसी दबाव में कार्रवाई से बच रही है। जुनेद/02 जनवरी2026