मुख्यमंत्री ने गीता भवन वैचारिक अध्ययन केन्द्र का किया शुभारंभ जबलपुर, (ईएमएस)। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को जबलपुर नगर निगम द्वारा विकसित आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त गीता भवन वैचारिक अध्ययन केन्द्र का शुभारंभ किया। नेताजी सुभाष चंद्र बोस कन्वेंशन सेंटर परिसर में निर्मित इस गीता भवन का उद्घाटन वैदिक मंत्रोच्चार, पूजा-अर्चना एवं संतों के वंदन के साथ संपन्न हुआ। इस अवसर पर बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, संत-महात्मा, बुद्धिजीवी वर्ग एवं आम नागरिक उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अपने संबोधन में कहा कि श्रीमद्भगवद्गीता केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि मानव जीवन के प्रत्येक क्षेत्र व्यक्तिगत, सामाजिक, नैतिक और आध्यात्मिक में मार्गदर्शन देने वाला महान जीवन-दर्शन है। गीता भगवान श्रीकृष्ण द्वारा प्रतिपादित ऐसा अद्भुत ग्रंथ है, जो आज के आधुनिक और जटिल समय में भी मानवता के सामने खड़े अनेक असुलझे प्रश्नों का समाधान प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि गीता का संदेश कर्मयोग, कर्तव्यबोध और नैतिकता पर आधारित है, जो व्यक्ति को अपने दायित्वों का निर्वहन करते हुए जीवन को सही दिशा देने की प्रेरणा देता है। गीता हमें सिखाती है कि फल की चिंता किए बिना कर्म करना ही जीवन का वास्तविक मार्ग है। गीता भवन का शुभारंभ गौरव की बात... मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि भारतीय संस्कृति, कर्तव्यबोध और नैतिक मूल्यों को समाज के दैनिक जीवन से जोड़ने के उद्देश्य से प्रदेशभर में गीता भवन वैचारिक अध्ययन केन्द्रों की स्थापना की जा रही है। इंदौर के बाद जाबालि ऋषि की तपोभूमि एवं संस्कारधानी जबलपुर में गीता भवन का शुभारंभ होना पूरे महाकोशल क्षेत्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि ऐसे वैचारिक अध्ययन केन्द्र नई पीढ़ी को भारतीय दर्शन, संस्कृति और जीवन मूल्यों से जोड़ने का सशक्त माध्यम बनेंगे। यहां अध्ययन, चिंतन, संवाद और विचार-मंथन के माध्यम से समाज में सकारात्मक चेतना का विस्तार होगा और युवाओं को जीवन की सही दिशा मिलेगी। गीता भवन में मिलेंगी अत्याधुनिक सुविधाएँ. जबलपुर नगर निगम द्वारा विकसित गीता भवन को अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। भवन में एक सर्वसुविधायुक्त वाचनालय एवं ई-लाइब्रेरी की व्यवस्था की गई है, जहां 5 हजार से अधिक धार्मिक, ऐतिहासिक, साहित्यिक और सामाजिक पुस्तकों के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित अध्ययन सामग्री भी उपलब्ध कराई गई है। इसके अलावा गीता भवन में 900 व्यक्तियों की क्षमता वाला अत्याधुनिक वातानुकूलित ऑडिटोरियम, विचार-मंथन कक्ष एवं अन्य आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं। यह भवन अध्ययन, शोध, संवाद और वैचारिक विमर्श का एक प्रमुख केन्द्र बनेगा। *जनकल्याणकारी योजनाओं के हितलाभ वितरित.... इस अवसर पर मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रतीकात्मक रूप से विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के हितलाभ हितग्राहियों को वितरित किए। साथ ही युवाओं को प्रतीकात्मक रूप से श्रीमद्भगवद्गीता की प्रतियां भेंट कर उन्हें जीवन में गीता के आदर्श अपनाने का संदेश दिया। यह रहे उपस्थित... कार्यक्रम में लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह, सांसद आशीष दुबे, राज्यसभा सांसद श्रीमती सुमित्रा वाल्मीकि, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती आशा गोटिया, महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू, विधायक अजय विष्णोई, विधायक अशोक रोहाणी, डॉ. अभिलाष पांडे, संतोष बरकड़े, सुशील तिवारी इंदु सहित विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रबुद्धजन और बड़ी संख्या में आम नागरिक उपस्थित रहे। विकास कार्यों का भी हुआ लोकार्पण ...... कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 44.26 करोड़ रुपये की लागत के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण एवं भूमिपूजन भी किया। इनमें 5.34 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न वार्डों में हरित क्षेत्र एवं उद्यान विकास कार्य, 12.93 करोड़ रुपये की लागत से सीमेंट सड़क, डामरीकरण एवं नाली निर्माण, 8.99 करोड़ रुपये की लागत से रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के विकास कार्यों का भूमिपूजन शामिल रहा। इसके अतिरिक्त 5.09 करोड़ रुपये की लागत से सीसी रोड एवं नाली निर्माण, 1.69 करोड़ रुपये की लागत से हरित क्षेत्र एवं उद्यान विकास कार्यों का लोकार्पण किया गया। वहीं 44 लाख रुपये की लागत से निर्मित सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा का अनावरण भी मुख्यमंत्री द्वारा किया गया। मंचीय कार्यक्रम से पूर्व मुख्यमंत्री ने 9.78 करोड़ रुपये की लागत से क्रय किए गए तीन अत्याधुनिक मैकेनिकल रोड स्वीपिंग वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। शहबाज / मोनिका / 02 जनवरी 2026/ 06.16