:: ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की समीक्षा; 7 दिन में मिशन मोड पर काम पूरा करने का अल्टीमेटम :: इंदौर (ईएमएस)। इंदौर जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट ने सख्त रुख अपनाया है। शुक्रवार को रेसीडेंसी कोठी में आयोजित एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उन्होंने जिले के सभी हैंडपंपों और पेयजल स्रोतों के 100 मीटर के दायरे में विशेष स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए। मंत्री ने स्पष्ट किया कि पेयजल व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समीक्षा बैठक में जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन, पीएचई विभाग के अधिकारी और सभी जनपदों के सीईओ मौजूद थे। मंत्री सिलावट ने निर्देश दिए कि आगामी 7 दिनों के भीतर सभी हैंडपंपों, सार्वजनिक एवं निजी नल-जल योजनाओं और कुओं के आसपास सफाई का कार्य मिशन मोड पर पूर्ण किया जाए। :: बैठक के कड़े निर्देश :: स्वच्छता अभियान : पेयजल स्रोतों के आसपास गंदगी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय होगी। फिल्ड विजिट : अधिकारी तत्काल गांवों का दौरा कर उन स्रोतों को चिन्हित करें, जहाँ दूषित पानी की आशंका है। क्वालिटी चेक : पीएचई विभाग को नियमित अंतराल पर जल परीक्षण करने के निर्देश। :: बीमारियों की रोकथाम पर जोर :: मंत्री ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जलजनित बीमारियों को फैलने से रोकना सरकार की प्राथमिकता है। प्रत्येक ग्रामीण को स्वच्छ जल मिले, यह अधिकारियों की बुनियादी जिम्मेदारी है। जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन ने विभागीय अमले को तत्काल सक्रिय होकर सफाई कार्य प्रारंभ करने और ग्रामों में मैपिंग करने के आदेश जारी किए हैं। इस पहल के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में न केवल हैंडपंपों के प्लेटफॉर्म की मरम्मत की जाएगी, बल्कि सोख गड्ढों की स्थिति भी सुधारी जाएगी ताकि दूषित जल पेयजल स्रोतों में न मिल सके। :: समीक्षा के मुख्य बिंदु :: - हैंडपंपों के चारों ओर 100 मीटर तक सफाई अनिवार्य। - समस्त जनपदों में 7 दिन के भीतर कार्य पूर्ण करने का लक्ष्य। - जनपद सीईओ स्वयं करेंगे कार्यों की निगरानी और रिपोर्टिंग। प्रकाश/02 जनवरी 2025