क्षेत्रीय
04-Jan-2026
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- जाति-पांति छोड़ राष्ट्रहित में एक हो हिंदू समाज, संगठन ही धर्म की सबसे बड़ी सुरक्षा गुना। (ईएमएस) दिगंबर जैन समाज के सुप्रसिद्ध वैज्ञानिक संत आचार्य श्री निर्भय सागर जी महाराज ने रविवार को गुना आगमन पर सकल हिंदू समाज को एकता और अखंडता का महामंत्र दिया। बजरंगगढ़ तीर्थ क्षेत्र से पैदल विहार कर बीजी रोड स्थित नसिया जी पहुंचे आचार्य श्री ने वहां आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन को संबोधित किया। अपने ओजस्वी प्रवचन में उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म और राष्ट्र की सुरक्षा के लिए समाज का संगठित होना वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। भेदभाव त्यागकर एकजुट होने की अपील हजारों की संख्या में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि हिंदू समाज को जाति, वर्ग और क्षेत्रीय भेदभाव की बेड़ियों को तोड़कर राष्ट्र हित में एक होना चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक संगठित समाज ही अपनी संस्कृति, जड़ों और राष्ट्र की संप्रभुता का सबसे मजबूत कवच बन सकता है। जब समाज में फूट होती है, तब बाहरी शक्तियां धर्म और संस्कृति को नुकसान पहुँचाती हैं। संस्कारों से होगा राष्ट्र का उत्थान आचार्य श्री ने आगे कहा कि एकता का मार्ग संस्कारों से होकर गुजरता है। यदि हमारे परिवारों में संस्कार होंगे और समाज में एक-दूसरे के प्रति समरसता का भाव होगा, तो भारत को पुनः विश्वगुरु बनने से कोई नहीं रोक सकता। इस दौरान पूरा नसिया जी परिसर जयकारों से गूँज उठा। सम्मेलन के पश्चात आचार्य श्री ने अपने संघ के साथ नगर में मंगल प्रवेश किया, जहाँ सकल हिंदू समाज के विभिन्न वर्गों ने उनका भव्य स्वागत कर इस एकता के संदेश को आत्मसात करने का संकल्प लिया।(सीताराम नाटानी ईएमएस)