व्यापार
06-Jan-2026
...


मुंबई (ईएमएस)। एक रिपोर्ट के अनुसार वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में बैंकों का मुनाफा सालाना आधार पर बढ़ सकता है। यह लोन ग्रोथ, अधिक फीस इनकम और कम क्रेडिट लागत के कारण संभव होगा। रिपोर्ट में कहा गया है कि तीसरी तिमाही में एनआईएम स्थिर रह सकता है। चौथी तिमाही में थोड़ा दबाव आ सकता है, लेकिन इसके बाद इसमें सुधार होने की संभावना है। बैंक ने बचत और सावधि जमा पर ब्याज दरें घटा दी हैं। बचत खातों पर असर तुरंत दिखा, जबकि सावधि जमा पर लाभ अगले तिमाही में स्पष्ट होगा। जमा लागत कम होने और असुरक्षित लोन में सामान्य स्लीपेज के कारण क्रेडिट लागत घटने की उम्मीद है। मौसमी कृषि उतार-चढ़ाव को छोड़कर अधिकांश बैंकों की परिसंपत्ति गुणवत्ता स्थिर है। तीसरी तिमाही में सुधार रुझान देखने को मिल सकते हैं। तीसरी तिमाही में बैंकों के मुनाफे में सुधार देखने को मिल सकता है। लोन ग्रोथ मजबूत है, फीस आय बढ़ी है, और क्रेडिट लागत कम होने से लाभ में सुधार संभावित है। सतीश मोरे/06जनवरी ---