लेख
07-Jan-2026
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सफलता कोई डेस्टिनेशन (मंजिल) नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया (प्रोसेस) है। वास्तव में देखा जाए तो सफलता एक क्रमिक विकास है। ज्यादातर लोग केवल सफलता की चमक देखते हैं, लेकिन उसके पीछे के वर्षों के संघर्ष को नहीं। हमें यह याद रखना चाहिए कि सफलता रातों-रात नहीं मिलती; यह छोटे-छोटे सही निर्णयों और निरंतर प्रयासों का संचय है। सफलता के लिए व्यक्ति को धैर्य, अनुशासन बनाए रखना बहुत जरूरी और आवश्यक है। याद रखिए कि धैर्य यात्रा लंबी होती है, इसलिए बीच में हार न मानने के लिए धैर्य अनिवार्य है। जब मोटिवेशन खत्म हो जाता है, तब अनुशासन ही वह ताकत है जो आपको काम पर लगाए रखती है। जब व्यक्ति किसी चीज़ के लिए बैचैन होता है तो वह सफलता की ओर अग्रसर होता है। वास्तव में बेचैनी हमारी प्रगति का ईंंधन है। मनोवैज्ञान यह बात कहता है कि, जब तक हमारे वर्तमान (जो हम हैं) और हमारे सपने (जो हम बनना चाहते हैं) के बीच एक सकारात्मक असंतोष पैदा नहीं होता, तब तक हम आगे नहीं बढ़ते। इसलिए व्यक्ति की बेचैनी नकारात्मक नहीं, बल्कि एक सृजनात्मक ऊर्जा है।यह व्यक्ति को कम्फर्ट ज़ोन से बाहर धकेलती है। जीवन में सफलता प्राप्त करने के लिए व्यक्ति को सपने देखना भी आवश्यक है।वास्तव में सपना देखना पहला कदम है, लेकिन केवल सपने देखना काफी नहीं है।सपना या यूं कहें कि विजन हमें जीवन में सही दिशा देता है।संकल्प (कमिटमेंट) यह तय करता है कि हम बाधाओं के बावजूद डटे रहेंगे।कर्म या एक्शन वह पुल है जो कल्पना को वास्तविकता से जोड़ता है। बिना कर्म के सबसे महान विचार भी केवल एक मृगतृष्णा बनकर रह जाते हैं। सफलता प्राप्त करने के लिए हमें अपने जीवन में निरंतर सुधार करने की भी जरूरत है। याद रखिए कि यदि हम रोज खुद को सिर्फ 1% बेहतर बनाते हैं, तो साल के अंत तक हम एक पूरी तरह से नए और श्रेष्ठ इंसान बन चुके होते हैं। यहां हमें यह भी याद रखना चाहिए कि सफलता का अर्थ केवल ऊँचे पद या धन की प्राप्ति नहीं है, बल्कि उस व्यक्तित्व का निर्माण है जो कठिन परिस्थितियों में भी अडिग रहता है और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने का साहस रखता है। जीवन में व्यक्ति को अपने लक्ष्य निर्धारित करने चाहिए और उन्हें पूरा करने के लिए मेहनत और ईमानदारी से काम करना चाहिए। जब हमें अपना लक्ष्य साफ़ दिखाई देता है, तो रास्ते की मुश्किलें भारी नहीं लगतीं, बल्कि हमें कुछ नया सिखाती हैं। सफलता की शुरुआत बड़ा सपना देखने से होती है। ऐसा सपना जो सिर्फ़ सोच तक सीमित न रहे, बल्कि काम में भी दिखाई दे। सच्चा सपना वही है जो इंसान को आराम से बैठने न दे और हर दिन आगे बढ़ने की प्रेरणा देता रहे। बड़े सपने हमें साधारण सोच से बाहर निकालते हैं और मेहनत करने के लिए तैयार करते हैं। हमें यह बात भी अपने जेहन में रखना चाहिए कि सफलता केवल प्रतिभा या भाग्य का परिणाम नहीं होती, बल्कि यह मेहनत, अनुशासन, निरंतर सीखने और मजबूत चरित्र पर आधारित होती है। प्रतिभा तभी फल देती है जब उसे परिश्रम और आत्मनियंत्रण से सींचा जाए, क्योंकि बिना अनुशासन के कोई भी क्षमता विकसित नहीं हो सकती। जीवन के मार्ग में आने वाली असफलताएँ अंत नहीं होतीं, बल्कि वे हमें अनुभव और सीख प्रदान कर आगे बढ़ने की शक्ति देती हैं। बदलते समय के साथ ज्ञान और सोच को लगातार अपडेट करना भी आवश्यक है, क्योंकि जिज्ञासु और सीखने को तत्पर व्यक्ति ही वास्तविक प्रगति करता है। साथ ही, नैतिकता, ईमानदारी और करुणा जैसे मूल्य सफलता को स्थायित्व प्रदान करते हैं। जब प्रयास चरित्र और जिम्मेदारी के साथ किए जाते हैं, तब सफलता केवल व्यक्तिगत उपलब्धि न रहकर समाज के लिए प्रेरणा बन जाती है। सफलता का अंतिम स्तंभ है टीमवर्क और नेतृत्व। आपने देखा होगा कि कोई भी महान उपलब्धि अकेले संभव नहीं हुई है। नेतृत्व का अर्थ आदेश देना नहीं, बल्कि उदाहरण बनना है। एक सच्चा लीडर वही है, जो अपनी टीम में विश्वास जगाए, असफलता की जिम्मेदारी खुद ले और सफलता का श्रेय सबके साथ साझा करे। कठिन समय में साथ खड़े रहना, टीम की ताकत को पहचानना और विविध क्षमताओं को एक लक्ष्य के लिए जोड़ना ही नेतृत्व की असली पहचान है। सफलता का सार यही है कि बड़े सपने देखें, ईमानदार प्रयास करें, अनुशासन को जीवन का हिस्सा बनाएं, सीखने की भूख कभी मरने न दें और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाएं। उल्लेखनीय है कि जीवन में असफलताएं मार्गदर्शक होती हैं। अंत में यही कहूंगा कि सफलता यूँ ही नहीं मिलती, वह किसी भाग्य या संयोग का खेल नहीं है, बल्कि सोच, निश्चय और लगातार प्रयास का परिणाम होती है।बड़ा सपना केवल इच्छा नहीं होता, बल्कि ऐसा लक्ष्य होता है जो व्यक्ति को आराम से बैठने नहीं देता। वह भीतर एक बेचैनी पैदा करता है।हर दिन कुछ नया सीखने, खुद को बेहतर बनाने और आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। जब लक्ष्य स्पष्ट होता है, तब रास्ते की कठिनाइयाँ बोझ नहीं लगतीं, बल्कि हमें सिखाने लगती हैं कि आगे कैसे बढ़ना है।मेहनत और अनुशासन प्रतिभा को वास्तविक शक्ति में बदलते हैं। केवल प्रतिभाशाली होना पर्याप्त नहीं; उसे सही दिशा में, नियमित अभ्यास और आत्मनियंत्रण के साथ आगे बढ़ाना जरूरी है। वहीं, असफलताएँ अंत नहीं होतीं, बल्कि संकेत होती हैं कि कहाँ सुधार की जरूरत है। वे हमें गलतियों से सीखकर सही मार्ग चुनने में मदद करती हैं।कुल मिलाकर यह बात कही जा सकती है कि सपना, संकल्प,निरंतर प्रयास, सीखने की भावना ही हमें सफलता की ओर अग्रसर करते हैं। ईएमएस/07/01/2026