क्षेत्रीय
07-Jan-2026
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गुना (ईएमएस)​।मध्यप्रदेश के ग्वालियर-चंबल संभाग सहित गुना जिले में भी कड़ाके की ठंड ने अपनी दस्तक तेज कर दी है। बुधवार, 7 जनवरी की सुबह गुना जिले में इस सीजन का अब तक का सबसे कम तापमान दर्ज किया गया। उत्तर भारत से आ रही बर्फीली हवाओं के चलते जिले में शीतलहर का असर साफ देखा जा रहा है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित हो गया है। 24 घंटे में एक डिग्री की गिरावट मौसम विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को जिले का न्यूनतम तापमान 7.4°C दर्ज किया गया था, जिसमें पिछले 24 घंटों के भीतर 1.0°C की बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। बुधवार सुबह न्यूनतम तापमान गिरकर 6.4°C पर आ गया, जो इस सर्दी के मौसम का अब तक का न्यूनतम स्तर है। तापमान में आई इस अचानक गिरावट ने जिले में ठिठुरन बढ़ा दी है। 97 प्रतिशत आर्द्रता और ओस का असर तापमान गिरने के साथ ही सुबह के समय हवा में नमी (आर्द्रता) का स्तर 97% तक पहुंच गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि वर्तमान में घना कोहरा (Smog) कम देखा जा रहा है। मौसम साफ होने और आसमान खुला रहने के कारण रात के समय रेडिएशन कूलिंग का प्रभाव बढ़ गया है, जिससे सर्दी का तीखापन महसूस हो रहा है। रात के अंतिम पहर और सुबह के समय हल्का कोहरा छा रहा है, जिससे दृश्यता पर आंशिक असर पड़ता है, लेकिन दिन चढ़ते ही धूप निकलने से राहत मिल रही है। देर रात और सुबह बढ़ी ठिठुरन आसमान साफ होने के कारण दिन में भले ही सूरज की तपिश महसूस हो रही हो, लेकिन रात होते ही बर्फीली हवाएं लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर रही हैं। कड़ाके की इस ठंड से बचने के लिए लोग देर रात और सुबह के समय अलाव का सहारा ले रहे हैं। कृषि जानकारों के अनुसार, यह ठंड रबी की फसलों, विशेषकर गेहूं और चने के लिए फायदेमंद मानी जा रही है, लेकिन लगातार गिरता पारा पाला (Frost) पड़ने की आशंका भी बढ़ा रहा है। मौसम विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी दो-तीन दिनों तक आसमान इसी तरह खुला रहेगा, जिससे न्यूनतम तापमान में और भी गिरावट आ सकती है। प्रशासन ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है।-सीताराम नाटानी