क्षेत्रीय
07-Jan-2026
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सुकमा(ईएमएस)। छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित सुकमा जिले में चलाए जा रहे ‘पूना मार्गेम’ (पुनर्वास से पुनर्जीवन) अभियान के तहत सुरक्षा बलों को एक और बड़ी रणनीतिक सफलता मिली है। अभियान से प्रभावित होकर 07 महिला कैडर सहित कुल 26 माओवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया है। इसे माओवादी संगठन के लिए गंभीर मनोवैज्ञानिक और संगठनात्मक झटका माना जा रहा है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी PLGA बटालियन, दक्षिण बस्तर, माड़ डिवीजन और आंध्र-ओडिशा बॉर्डर (AOB) क्षेत्र में सक्रिय थे। इन सभी पर कुल ₹64 लाख का इनाम घोषित था। संगठनात्मक स्तर पर इनमें CYPCM – 01,DVCM – 01PPCM – 03ACM – 03पार्टी सदस्य – 18शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों के मुताबिक, आत्मसमर्पण करने वाले ये माओवादी सुकमा, माड़ क्षेत्र और ओडिशा सीमा से सटे इलाकों में हुई कई बड़ी नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं। लगातार दबाव, विकास कार्यों की पहुंच और ‘पूना मार्गेम’ अभियान की सकारात्मक सोच ने इन्हें हिंसा का रास्ता छोड़ने पर मजबूर किया। ‘पूना मार्गेम’ अभियान का मुख्य उद्देश्य भटके हुए युवाओं को बंदूक की राजनीति से बाहर निकालकर सम्मानजनक जीवन की ओर लौटाना है। आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को राज्य सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आर्थिक सहायता, सुरक्षा, आवास, शिक्षा और रोजगार से जोड़ा जाएगा। इस मौके पर सुकमा पुलिस अधीक्षक किरण चह्वाण ने शेष माओवादियों से अपील करते हुए कहा हिंसा का रास्ता छोड़ें, शांति और विकास का मार्ग अपनाएं। सरकार आत्मसमर्पण करने वालों के पुनर्वास और सुरक्षित भविष्य के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)07 जनवरी 2026