राज्य
07-Jan-2026


नई दिल्ली (ईएमएस)। पुस्तकालय अध्यक्ष और प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने आश्वासन दिया था कि लाइब्रेरी में गेटों के संबंध में कोई भी कार्रवाई करने से पहले छात्रों के प्रतिनिधित्व वाली एक स्वतंत्र समिति का गठन किया जाएगा। अपने ही आश्वासनों का उल्लंघन करते हुए, उसी प्रशासन ने इन गेटों को उस समय दोबारा लगवा दिया जब पूरा छात्र समुदाय नवंबर 2025 में हुए जेएनयूएसयू चुनावों में व्यस्त था। जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय छात्र संघ (जेएनयूएसयू) ने शुक्रवार को कहा कि हमारे पदाधिकारियों और छात्र कार्यकर्ताओं को चुप कराने और धमकाने के उद्देश्य से, जेएनयू प्रशासन ने लाइब्रेरी में निगरानी का विरोध करने पर पदाधिकारियों और पूर्व जेएनयूएसयू अध्यक्ष के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। जेएनयूएसयू ने कहा कि हम सभी जानते हैं कि निधि में कटौती और प्रशासनिक उदासीनता के कारण जेएनयू का बी.आर. अंबेडकर केंद्रीय पुस्तकालय दयनीय स्थिति में है। वर्षों से छात्र अधिक पुस्तकों, अधिक बैठने की क्षमता और पुस्तकालय के खुलने के समय में वृद्धि की मांग कर रहे हैं। छात्रों की मांगों पर ध्यान न देते हुए, प्रशासन ने अपने सीमित संसाधनों को चेहरे की पहचान करने वाले कैमरों और चुंबकीय द्वारों पर खर्च करने का निर्णय लिया है, ताकि छात्रों की आवाजाही को प्रतिबंधित किया जा सके और उनकी निजता का उल्लंघन किया जा सके। पिछले साल अगस्त में प्रशासन ने गुपचुप तरीके से ये गेट लगवा दिए थे। तत्कालीन जेएनयूएसयू अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महासचिव के साथ बड़ी संख्या में छात्रों ने विरोध प्रदर्शन किया और प्रशासन को इन निगरानी उपकरणों को हटाने के लिए मजबूर होना पड़ा। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/07/ जनवरी /2026