राज्य
07-Jan-2026
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- स्वास्थ्य मंत्री बोले - जरूरत पड़ी तो होगी जांच - कांग्रेस द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर तेज हो गई सियासी बयानबाजी रायपुर(ईएमएस)। बालोद जिले में 9 से 13 जनवरी तक प्रस्तावित ‘जंबूरी 2026’ को लेकर कांग्रेस द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार जीरो टॉलरेंस नीति पर काम कर रही है और यदि आवश्यकता हुई तो पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। दरअसल, कांग्रेस का आरोप है कि जंबूरी आयोजन से जुड़े कार्य टेंडर प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही शुरू कर दिए गए। इसे लेकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्लू )और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है। इसके बाद भाजपा नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने कहा कि जंबूरी कार्यक्रम की मेजबानी छत्तीसगढ़ को करनी है और इस तरह के बड़े आयोजनों में कार्यों का आगे-पीछे होना योजना का हिस्सा होता है। कार्यक्रम अभी संपन्न भी नहीं हुआ है, ऐसे में भ्रष्टाचार का सवाल खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने दोहराया कि सरकार किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगी और जरूरत पड़ने पर जांच कराई जाएगी। मीडिया से बातचीत के दौरान मंत्री जायसवाल ने राज्य में स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार की जानकारी भी दी। उन्होंने बताया कि रायपुर के सरोना में जल्द ही 100 बिस्तरों वाला अस्पताल शुरू किया जा रहा है। इसके अलावा रायपुर पश्चिम, सरोना और नया रायपुर-आरंग क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाओं को लगातार मजबूत किया जा रहा है। वर्तमान में प्रदेश में प्रतिदिन लगभग 600 प्रसव कराए जा रहे हैं। कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट के छत्तीसगढ़ दौरे पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कहा कि यह कांग्रेस का आंतरिक विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस मनरेगा को लेकर बेवजह राजनीति कर रही है। मनरेगा कांग्रेस की पुरानी योजना रही है, जबकि वर्तमान सरकार इसके उन्नत संस्करण के साथ काम कर रही है और इसमें किसी तरह की गड़बड़ी की गुंजाइश नहीं है। वहीं ‘हमर लैब’ योजना में भ्रष्टाचार के सवाल पर स्वास्थ्य मंत्री ने स्वीकार किया कि पूर्व में इसमें अनियमितताएं सामने आई थीं। उन्होंने बताया कि मामले में आरोपी अधिकारी अभी भी जेल में हैं। सभी मशीनों की जांच के बाद ही लैब को दोबारा शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर बेहद सतर्क हैं और पारदर्शिता सरकार की प्राथमिकता है। सत्यप्रकाश(ईएमएस)07 जनवरी 2026