राज्य
07-Jan-2026
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इसमें 125 दिन रोजगार की गारंटी, गांवों का होगा विकास भोपाल (ईएमएस) । जी राम जी कानून को लेकर बुधवार को सीएम डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने पत्रकारवार्ता का आयोजन किया। इस दौरान भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि यह ऐसा बिल है जिससे गांवों का विकास होगा, ग्रामीणों को रोजगार मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जी राम जी बिल के आधार पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बड़ी धन राशि देश को दी है। इससे गांवों का विकास होगा। सीएम ने कहा कि मनरेगा के माध्यम से 100 दिन रोजगार की गारंटी थी, जी राम जी ने 125 दिन रोजगार की गारंटी दी है। इससे कौशल और उद्यमिता में भी बढ़ी संभावना है। कृषि श्रमिकों को काम की उपलब्धता भी सुनिश्चित की जाएगी। राज्य ओर केंद्र के मध्य राशि 60:40 का रेश्यो रखा है। पहले 100 दिन थे अब सवा सौ दिन दिए हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि नई मजदूरी दर जब तक तय नहीं होगी तब तक नरेगा के तहत ही मजदूरी देंगे। बेरोजगारी भत्ता देने की भी बाध्यता है। इससे जल संरक्षण के काम भी होंगे। सीएम ने कहा कि हमने इस वर्ष को कृषि वर्ष घोषित किया है। इससे किसानों की आय बढ़ाने प्रयास करेंगे। किसानों को लघु उद्योग और एमएसएमई से भी जोड़ेंगे। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी निर्णयों से विश्व के कई देश हमारे देश की ओर देख रहे हैं। 2026 किसान वर्ष के रूप में मनाएगी सरकार मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि राज्य सरकार 2026 को किसान वर्ष के रूप में मनाएगी, जबकि 2027 को युवा वर्ष के रूप में मनाने की तैयारी की जा रही है। किसानों के कल्याण के लिए राज्य सरकार जल्द ही सर्वदलीय बैठक बुलाएगी। उन्होंने बताया कि इस बैठक में देश के अन्य राज्यों से कृषि क्षेत्र के विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जाएगा। किसानों के हित में व्यापक विचार-विमर्श के बाद ठोस और प्रभावी फैसले लिए जाएंगे। कांग्रेस फैला रही भ्रम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि रोजगार आधारित कार्यों के लिए ‘जी राम जी योजना’ शुरू की गई है। इसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पर्याप्त बजट का प्रावधान किया गया है। केंद्र सरकार ने छह माह के भीतर इस योजना को राज्य में अधिसूचित करने के निर्देश दिए हैं, जिसके तहत राज्य सरकार शीघ्र ही इसका नोटिफिकेशन जारी करेगी। इधर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि ‘जी राम जी योजना’ को लेकर कांग्रेस द्वारा भ्रम फैलाया जा रहा है। इस योजना में ऐसी व्यवस्था की गई है कि जब खेती का काम हो, तब किसान खेती कर सकें और जब मजदूरी का काम उपलब्ध हो, तब किसान और मजदूर मजदूरी कर सकें। योजना के तहत जरूरत के अनुसार मजदूरों से काम कराया जाएगा। मजदूरों के लिए किए गए कई प्रावधान डॉ मोहन ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्र में काम करने की और अधिक अनुकूलता रहेगी। मनरेगा में 100 जबकि जीरामजी योजना में 125 काम की गारंटी है। राज्य में साल में 60 दिन कटाई बुआई के दिन अधिसूचित कर सकेंगे। राशि में केंद्र और राज्य का 60-40 का रेशो रखा है। मजदूरी की दरें केंद्र सरकार तय करेगी। नरेगा से मनरेगा, मनरेगा से जी रामजी विपक्ष का काम बोलने का तो बोल रहा है। अधिनियम में मजदूरों के लिए कई तरह के प्रावधान किए गए हैं।