- वास्तविक जीडीपी में मजबूती, नॉमिनल वृद्धि धीमी रहेगी नई दिल्ली (ईएमएस)। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) ने वित्त वर्ष 2026 के लिए पहला अग्रिम अनुमान जारी किया है। अनुमान के अनुसार भारत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.4 फीसदी रहने का अनुमान है, जो वित्त वर्ष 2025 की 6.5 फीसदी वृद्धि से बेहतर है। यह आंकड़ा वैश्विक और घरेलू चुनौतियों के बावजूद अर्थव्यवस्था की सुदृढ़ता को दर्शाता है। हालांकि नॉमिनल जीडीपी केवल 8 फीसदी बढ़ने का अनुमान है, जो कोविड महामारी से प्रभावित वित्त वर्ष 21 के बाद सबसे धीमी वृद्धि है। इसमें मुख्य भूमिका जीडीपी डिफ्लेटर की है, जो पांच दशक के निचले स्तर 0.5 फीसदी पर है। वास्तविक और नॉमिनल जीडीपी के बीच अंतर 60 आधार अंक ही रह गया है, जो वित्त वर्ष 2011-12 के बाद सबसे कम है। वित्त वर्ष 26 की पहली छमाही में वृद्धि 8 फीसदी रही, लेकिन दूसरी छमाही में यह घटकर 6.9 फीसदी होने की संभावना है। सकल मूल्य वर्धन 7.3 फीसदी बढ़ने का अनुमान है, जिससे शुद्ध अप्रत्यक्ष करों का मामूली सकारात्मक योगदान दिखता है। नॉमिनल जीडीपी में कमी और आयकर व जीएसटी में छूट के कारण कर संग्रह पर दबाव रहेगा। अनुमान है कि राजस्व में लगभग 1.5–2 लाख करोड़ रुपये की कमी आएगी। हालांकि, खर्च में नियंत्रण और भारतीय रिजर्व बैंक से लाभांश मिलने से सरकार वित्त वर्ष 26 में राजकोषीय घाटे को 4.4 फीसदी तक सीमित रख सकेगी। सतीश मोरे/08जनवरी ---