क्षेत्रीय
इन्दौर (ईएमएस) आचार्य मिथिला प्रसाद त्रिपाठी पूर्व कुलपति के मुख्य आतिथ्य में संस्था सोसाइटी ऑफ आथर्स द्वारा आयोजित एक विमोचन कार्यक्रम में लेखक रामनारायण सोनी की 9 वीं कृति पिंजर प्रेम प्रकाशिया का विमोचन किया गया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि ने अपने उद्बोधन में कहा कि प्रेम हरि का रूप है। प्रेम ही ईश्वर से साक्षात्कार कराता है। प्रेम का मूर्त रूप भक्ति है। प्रेम न होय तो भक्ति न होय। प्रेम समर्पण का तत्व है। इसकी कोई अपेक्षा नहीं होती। आनन्द पुरोहित/ 08 जनवरी 2026