रायपुर(ईएमएस)। कांग्रेस के छत्तीसगढ़ प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट आज एक दिवसीय दौरे पर रायपुर पहुंचे। एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत में उन्होंने केंद्र की भाजपा सरकार पर मनरेगा को व्यवस्थित तरीके से कमजोर और खत्म करने का गंभीर आरोप लगाया। पायलट ने कहा कि मनरेगा गरीबों के लिए सुरक्षा कवच थी, लेकिन केंद्र ने इस पर सीधा प्रहार किया है। पायलट ने कहा कि पहले मनरेगा से ग्रामीण गरीबों को 100 दिनों का रोजगार मिलता था, लेकिन अब योजना कागजों तक सिमट गई है। पहले पूरी राशि केंद्र देता था, लेकिन अब वह व्यवस्था भी खत्म कर दी गई। रोजगार के अधिकार को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले कामों का फैसला ग्राम पंचायतें करती थीं, जिससे स्थानीय जरूरतों के अनुरूप रोजगार मिलता था, लेकिन अब योजना को पूरी तरह सेंट्रलाइज्ड कर फंड पर कंट्रोल कर लिया गया है, जिससे पंचायतें बेबस हो गई हैं। भाजपा नेताओं से सीधा सवाल करते हुए पायलट ने कहा, “अगर मनरेगा से इतनी दिक्कत थी तो रेट या मजदूरी बढ़ाते, लेकिन योजना ही खत्म करने का रास्ता चुना गया। यह गरीबों के साथ अन्याय है।” उन्होंने कहा कि महात्मा गांधी के नाम से जुड़ी योजना की मूल भावना को पहली बार बदला गया है। यह सिर्फ रोजगार नहीं, बल्कि गरीबों की गरिमा और आत्मसम्मान से जुड़ी थी। पायलट ने भाजपा पर घमंड का आरोप लगाते हुए कहा कि सत्ता में आने के बाद नेताओं में अहंकार आ गया है। “खंडित जनादेश के बावजूद इतना घमंड। जनता सब देख रही है और समय आने पर जवाब देगी। कमिश्नर प्रणाली पर पायलट ने कहा कि सरकार सिर्फ सुर्खियां बटोरने के लिए ऐसे फैसले ले रही है। यह नीतिगत सुधार नहीं, बल्कि ध्यान भटकाने की कोशिश है। मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के तीन न्यायालयों को बम से उड़ाने की धमकी पर पायलट ने भाजपा सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि भाजपा नेता पीठ थपथपाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत उलट है। मध्यम वर्ग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। महिलाओं, बुजुर्गों और कमजोर वर्ग पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। न्यायालयों को धमकी मिलना शासन-प्रशासन की विफलता का संकेत है। बालोद जंबूरी 2026 विवाद पर पायलट ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मुद्दा जनता के पैसे का है। भाजपा ईमानदारी की दुहाई देती है, लेकिन बिना टेंडर काम कराना यही ईमानदारी है? सरकार को अहंकार छोड़कर निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। जिला अध्यक्षों की ट्रेनिंग पर पायलट ने कहा कि कांग्रेस संगठन मजबूत करने में जुटी है। कई राज्यों में ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। छत्तीसगढ़ में भी नए जिलाध्यक्षों को रोडमैप दे दिया गया है और जल्द ट्रेनिंग कराई जाएगी। पायलट के दौरे में मनरेगा आंदोलन की समीक्षा और संगठनात्मक बैठकें शामिल हैं। नवनियुक्त जिलाध्यक्षों से मुलाकात और आगामी रणनीति पर चर्चा होगी। यह दौरा कांग्रेस की आक्रामक रणनीति और केंद्र को घेरने के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। गौरतलब है कि पायलट इससे पहले 26-27 नवंबर को दो दिवसीय दौरे पर आए थे। तब उन्होंने SIR अभियान की समीक्षा की और संविधान बचाओ दिवस कार्यक्रमों में हिस्सा लिया था। रायपुर से धमतरी, कांकेर और जगदलपुर का दौरा किया था। सत्यप्रकाश(ईएमएस)08 जनवरी 2026