राष्ट्रीय
08-Jan-2026


लखनऊ (ईएमएस)। उत्तप्रदेश की राजधानी लखनऊ में समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष और पूर्व सीएम अखिलेश यादव ने भाजपा की योगी सरकार पर तीखा हमला कर कहा कि यदि संविधान और आरक्षण को बचाना है, तब पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) समाज को एकजुट होना होगा। उन्होंने मतदाताओं और “पीडीए संरक्षकों” से अपील की कि आगामी चुनावों में पीडीए समुदाय के वोट किसी भी हालत में विभाजित न हों। उनका स्पष्ट संदेश था कि एक भी वोट विभाजित न हो, एक भी वोट कम न हो।” सपा नेता अखिलेश यादव ने आशंका जाहिर की कि भाजपा सरकार मतदाता सूचियों में गड़बड़ी कर सकती है और छूटे हुए नामों का दुरुपयोग कर नागरिकों को योजनाओं, नौकरियों, राशन कार्ड, जमीन और अन्य अधिकारों से वंचित कर सकती है। उन्होंने मतदाताओं से अपने वोटर आईडी को नागरिक पहचान का अहम दस्तावेज मानने और मतदान प्रक्रिया में पूरी सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने कहा कि वोटों की सुरक्षा केवल सरकार बदलने के लिए नहीं, बल्कि संवैधानिक अधिकारों, आरक्षण, रोजगार और संपत्ति की रक्षा के लिए जरुरी है। “अपना वोट दर्ज करें, अपना भविष्य बचाएं” के नारे के साथ उन्होंने पीडीए समाज से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी करने का आह्वान किया। सोशल मीडिया पर अपने संदेश में उन्होंने कहा कि पीडीए समाज के लाखों वोट अब भी अलग-अलग हो रहे हैं, जिसे रोकने के लिए प्रत्येक मतदान केंद्र पर कड़ी निगरानी जरूरी है। अखिलेश ने आरोप लगाया कि भाजपा और उसके सहयोगियों का असली उद्देश्य चुनाव जीतकर सत्ता में आना और फिर भ्रष्टाचार में लिप्त होना है। उन्होंने कहा कि यदि पीडीए समाज के हाथों से निर्णायक मतदान अधिकार छिन गया, तब उत्पीड़न और बढ़ेगा तथा दबंग ताकतें मनमाने ढंग से सरकार बनाकर संविधान को कमजोर करेगी। उनका कहना था कि वोट बचाना ही संविधान, आरक्षण और रोजगार के अधिकारों को बचाने का एकमात्र रास्ता है। इसके पहले कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने उत्तर प्रदेश की विशेष गहन संशोधन (एसआईआर) प्रक्रिया के तहत मसौदा मतदाता सूची से 2.89 करोड़ नाम हटाने पर गंभीर चिंता जाहिर की थी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय ने इस “बड़ी साजिश बताकर निष्पक्ष जांच की मांग की। आशीष दुबे / 08 जनवरी 2025