लेख
09-Jan-2026
...


आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश कभी सपना था लेकिन अब हकीकत बनकर हमारी आँखों के सामने आ चुका है। इसके प्रेरणापुंज और सूत्रधार हैं प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, जिनके आदर्श, सिद्धांत और मार्गदर्शन इस प्रदेश को मिल रहे हैं। एक बात जो सभी ने देखी है, वह यह कि सीमित संसाधनों तथा ज्यादा खर्चों के बावजूद प्रदेश के विकास में कोई फर्क नहीं पड़ रहा । प्रदेश अपनी तेज रफ्तार के साथ देश के प्रथम पंक्ति के विकसित राज्यों की श्रेणीं में शुमार हो चुका है हालांकि अभी इसका शीर्ष पर जाना बाकि है। आलोचना करने वाले भी हतप्रभ हैं कि दो साल के छोटे से समय में इतना सब काम कैसे हो गया । प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव हैं जिनकी कार्यदक्षता, कार्य कौशल्य और जीवटता को सभी ने परखा है। अभी नहज दो वर्ष के छोटे से कार्यकाल में जब उन्होंने अपेक्षा से अधिक कर दिखाया है, बाकि बचे समय में और क्या होगा इसका आँकलन लगाना होगा। परिणाम आने वाले कुछ वर्षों में मिलने शुरू हो जायेंगे। कुल मिलाकर जल्दबाजी करना ठीक नहीं बल्कि मोहन यादव सरकार को थोड़ा और समय देना चाहिये। एक तरफ जहाँ पूर्व की सरकारों ने लम्बा कार्यकाल बिताया है वहीं मोहन यादव सरकार ने अल्प समय में काफी कुछ किया है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के आदर्श, सिंद्धातों उनके व्यक्तित्व को अपना आदर्श मानकर चलने वाले मुख्यमंत्री डॅा. मोहन यादव से प्रदेश के लोगों को बड़ी आस है। उनकी प्रदेश भर में सक्रियता बनी हुयी है और यही संदेश वे अपने मंत्रिमंडल के सदस्यों को देते हैं कि प्रदेश का चप्पा -चप्पा देंखे, समस्या का तुरंत फुरत निराकरण होना चाहिये। जनहित में लिये गये एक एक फैसले की समीक्षा करने तथा क्रियान्वित योजनाओं के परिणाम जानने के लिये सरकार लाख जतन कर रही है। अभ्युदय मध्यप्रदेश कार्यक्रम उसी के अंतर्गत एक कड़ी है। प्रमाणित होता है कि मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार पक्षपातपूर्ण रवैया न अपनाकर आमजन के हितों को सर्वोपरि मान अपने उत्तरदायित्व का निर्वाहन पूरी निष्ठा के साथ कर रही है। प्रदेश के किसान डॉ मोहन यादव की मदद से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। उनका ध्यान खेती किसानी को लाभ का धंधा बनाने पर केन्द्रित है और इस दिशा में गंभीर प्रयास किये जा रहे हैं। खाद और बीज किसानों को समय पर उपलब्ध कराया जा रहा हैै। खेत, किसान और गांवों के अधिक से अधिक विकास की अवधारणा को देखते हुए मध्यप्रदेश में सिचांई क्षमताएं बढ़ाने की दिशा में अनेक काम हुए हैं। अपने दो वर्ष के कार्यकाल में डॉ. मोहन यादव ने किसानों की बेहतरी के लिये जो कदम उठायें हैं उसका सुखद परिणाम मिलना शुरू हो गया है। विकास की दौड़ में आगे बढ़ते मध्यप्रदेश के किसान सबसे ऊपर हैं। इसी तरह औधोगिक विकास और निवेश के मामले में भी इस प्रदेश में नवाचार हो रहे हैं। प्रदेश के ग्वालियर, उज्जैन, रीवा, शहडोल, जबलपुर और सागर में आयोजित क्षेत्रीय रीजनरल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव ने स्थानीय उद्यमियों और उद्योगपतियों को सीधे राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय निवेशकों के साथ जोड़ा है। मध्यप्रदेश में औद्योगिक संरचनाओं को आगे बढ़ाने तथा निवेश को प्रोत्साहन देने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रयास मील का पत्थर साबित हुए हैं। डॉ. मोहन यादव ने जापान, जर्मनी, स्पेन सहित विश्व के कई बड़े देशों के दौरे कर मध्यप्रदेश के औद्योगिक अवसरों और निवेश को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया और बताया कि मध्यप्रदेश की औद्योगिक नीतियाँ कितनी सरल और सुगम हंै। योजनाओं और अवसरों के लाभ भी बताये। मुख्यमंत्री की इन पहल और प्रयासों से निवेश बढ़ने के साथ - साथ उधमियों के लिए औद्योगिक अवसर और युवाओं के लिये रोजगार के रास्ते भी खुलते गये। मध्यप्रदेश का पर्यटन क्षेत्र भी विकास के मामले में आगे है। प्रतिवर्ष यहाँ आने वाले पर्यटकों की संख्या में बीस से पच्चीस प्रतिशत तक की बढ़ौत्तरी हो रही है। पर्यटन की दृष्टि से मध्यप्रदेश धनी है क्योंकि यहाँ की नैसर्गिक सौन्दर्यता, वन्य प्राणी, धार्मिक स्थल, आकर्षक और ऐतिहासिक विरासतें तथा हरे-भरे वन विदेशी पर्यटकों को आकर्षित कर रहे हैं। इनके चित्र वे अपने साथ यादगार के रूप में ले जाते हैं। सुखद है कि मध्यप्रदेश के पर्यटन क्षेत्र ने उद्योग का रूप ले लिया है। यहाँ युवाओं को रोजगार से जोड़ा जा रहा है। अर्थव्यवस्था में पर्यटन सर्वाधिक रोजगार उपलब्ध कराने वाला सेक्टर है। मध्यप्रदेश की मोहन यादव सरकार का संकल्प है कि प्रदेश के सामाजिक, आर्थिक विकास की बुनियाद को मजबूत करने के लिये भौतिक तथा मानवीय आधारभूत संरचना दृढ़ होना चाहिये। आज हम देख रहे हैं कि मध्यप्रदेश के युवा डॉ. मोहन यादव की मदद से आत्मनिर्भरता की तरफ बढ़ रहे हैं। चुनौतियों से सदा जूझते रहने वाले युवा वर्ग को प्रोत्साहन सहित रोजगार के साथ तकनीकि शिक्षा के आवश्यक संसाधन देने होंगे। सौभाग्य की बात है कि सरकार महिला सशक्तिकरण, बालिका प्रोत्साहन तथा उनकी सुरक्षा पर अत्यधिक व्यय कर रही है। साथ ही महिला सम्मान में कहीं कोई कमी न रह जाये इसका भी पूरा ध्यान रखा जा रहा है। मातृ शक्ति के अधिकार, स्त्रीत्व के सम्मान, सुरक्षा और उसके सामाजिक आर्थिक विकास के लिये प्रतिबद्ध डॉ. मोहन यादव समय की सीढ़ियां चढ़ते हुए इस दिशा में लगातार चिंतन मनन करने के साथ अपनी सोच और विचार को धरातल पर उतारते रहे हैं। हम दावे के साथ कह सकते हैं कि आने वाला कल मध्यप्रदेश का है। देश के साथ मध्यप्रदेश भी विकास की ऊचाँईयों को स्पर्श करेगा। देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का मार्गदर्शन और प्रदेश के मुखिया डॉ. मोहन यादव के कुशल नेतृत्व में हर व्यक्ति को यह संकल्प लेना होगा कि विकास का ऐसा इतिहास लिखेंगें जिसमें नौजवानों के पास काम होगा, किसानों के पास दाम होगा और महिलाओं का सम्मान होगा। नया वर्ष 2026 मध्यप्रदेश के लिये समृद्धि लेकर आया है। अनुमान लगाया जा रहा है कि सबका साथ सबका विकास की थीम पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश विकास के रास्ते पर निरंतर आगे बढ़ेगा। (यह लेखक के व्य‎‎‎क्तिगत ‎विचार हैं इससे संपादक का सहमत होना अ‎निवार्य नहीं है) .../ 9 जनवरी /2026