राज्य
09-Jan-2026


नोएडा (ईएमएस)। डेल्टा-1 की घटना ने नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की कई सोसायटियों की पुरानी चिंता को फिर उजागर कर दिया है। ग्रेटर नोएडा वेस्ट की आम्रपाली, गौर सिटी और अन्य बड़ी सोसायटियों में रहने वाले लोग बताते हैं कि वे सालों से प्राधिकरण के पानी को पीने लायक नहीं मानते। एमपी के इंदौर में दूषित पेयजल से फैली बीमारी की घटना के बाद अब यूपी में भी जलापूर्ति व्यवस्था पर सवाल खड़े हो चुके हैं। इसी बीच गौतम बुद्ध नगर जिले के ग्रेटर नोएडा के डेल्टा-1 सेक्टर से सामने आई दूषित पानी की शिकायतों ने प्रशासनिक दावों की सच्चाई उजागर कर दी है। यह मामला सिर्फ एक सेक्टर तक सीमित नहीं है, बल्कि नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट की उन तमाम सोसायटियों की हकीकत सामने लाता है, जहां हजारों परिवार वर्षों से प्राधिकरण के पानी पर भरोसा खो चुके हैं। ताजा मामला डेल्टा-1 सेक्टर से शुरू हुआ। बीते तीन दिनों तक घरों में पीने के पानी के साथ सीवर का गंदा पानी मिला। पानी का रंग पीला था और उसमें तेज बदबू आ रही थी। इस पानी के इस्तेमाल के बाद कई घरों में बच्चों और बुजुर्गों की तबीयत बिगड़ गई। स्थानीय निवासियों के अनुसार, अब तक कम से कम आठ लोगों के बीमार होने की पुष्टि हुई है। सेक्टर डेल्टा-1 निवासी विजय सिंह बताते हैं कि हमारे घर में बच्चे इसी पानी को पी गए। इसके बाद उन्हें उल्टी-दस्त शुरू हो गए। पानी इतना गंदा था कि हाथ धोने में भी बदबू आती थी। मजबूरी में हमें बाहर से बोतल बंद पानी मंगवाना पड़ा। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/09/ जनवरी /2026