नई दिल्ली (ईएमएस)। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बावजूद दिल्ली में आवारा कुत्तों की समस्या पर एमसीडी की कार्रवाई धीमी है। द्वारका में एक बुजुर्ग की मौत के बाद भी, समाधान केवल फीडिंग पॉइंट और नोडल अधिकारियों तक सीमित है। खतरनाक कुत्तों के लिए शेल्टर बनाने की प्रक्रिया अभी भी फाइलों में है, जिससे लोग लगातार हमलों का शिकार हो रहे हैं। एनडीएमसी ने भी फीडिंग पॉइंट बनाए हैं, लेकिन शेल्टर खाली हैं। द्वारका सेक्टर 19 में 65 वर्षीय बुजुर्ग को कुत्तों ने नोच कर मार डाला, लेकिन लोगों को कुत्तों से बचाने के लिए सिर्फ फीडिंग प्वाइंट और नोडल अधिकारी बनाकर खाना पूरी कर ली है। जबकि खतरनाक कुत्तों को रखने के लिए डॉग शेल्टर बनाने और फिर इनमें खतरनाक कुत्तों को रखने की व्यवस्था की जानी थी। पर अभी एमसीडी और एनडीएमसी बस कागजी कार्रवाई पूरी करने में जुटे हैं। जबकि डॉग शेल्टर तो दूर की बात नजर आ रही हैं। अजीत झा/देवेन्द्र/नई दिल्ली/ईएमएस/09/ जनवरी /2026