बालाघाट (ईएमएस). इंदौर हादसे और मनरेगा का नाम बदलने के विरोध में प्रदेश कांग्रेस कमेटी द्वारा इंदौर मुख्यालय में प्रदेश स्तरीय विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। शुक्रवार को स्थानीय सर्किट हाउस में पत्रकारों से चर्चा करते हुए कांग्रेस जिला अध्यक्ष व बैहर विधायक संजय उइके ने धरना प्रदर्शन को लेकर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इंदौर मुख्यालय में दो मामलों को लेकर प्रदेश स्तरीय आंदोलन किया जाएगा। इस आंदोलन में प्रदेशभर के कांग्रेसी नेता जुटेंगे। उन्होंने बताया कि इंदौर में दूषित पेयजल के सेवन से डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी हैं। सैकड़ों लोग अभी भी बीमार है। बावजूद इसके शासन-प्रशासन ने जवाबदेही तय नहीं कर पाई है। इसी तरह सरकार ने मनरेगा का नाम परिवर्तित कर जीरामजी कर दिया है। सरकार ग्रामीणों को सौ दिन का काम तो नहीं दे पा रही है लेकिन जीरामजी में 125 दिनों का काम देने की बात कह रही है। इन दोनों ही मामलों को लेकर इंदौर में प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया जाएगा। बालाघाट विधायक अनुभा मुंजारे ने कहा कि इंदौर में दूषित पेयजल आपूर्ति की शिकायत किए जाने के बाद भी संंबंधितों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। जिसके कारण अनेक लोगों की मौत हो गई। इस मामले में एक पत्रकार द्वारा सवाल पूछे जाने पर नगरीय प्रशासन मंत्री द्वारा अशोभनीय जवाब दिया जाता है। इस तरह से भाजपा के मंत्री के पास जनता की कोई किमत नहीं है। इसके अलावा उन्होंने बालाघाट शहर में हो रही अशुद्ध पेयजल आपूर्ति के बारे में भी जानकारी दी। कांग्रेसी नेता अनूप सिंह बैस ने भी इंदौर हादसे और मनरेगा का नाम परिवर्तित किए जाने का विरोध जताया है। भानेश साकुरे / 09 जनवरी 2026