- 3000 रुपये का इंतजार खत्म! - पर सस्पेंस बरकरार - 14 जनवरी को आएगी खुशखबरी या फिर बढ़ेगा इंतजार - सबकी निगाहें सरकार पर मुंबई (ईएमएस)। मकर संक्रांति का त्योहार इस बार महाराष्ट्र की करोड़ों महिलाओं के लिए खास हो सकता है। मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना से जुड़ी 2.5 करोड़ से ज्यादा महिलाएं बेसब्री से यह जानना चाहती हैं कि आखिर उनके खाते में दिसंबर और जनवरी की किस्त कब आएगी। चर्चा जोरों पर है कि 14 जनवरी, मकर संक्रांति के दिन महिलाओं के बैंक खातों में एक साथ 3000 रुपये जमा हो सकते हैं। हालांकि सरकार की ओर से अब तक इस पर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है, जिससे लाभार्थियों में उत्सुकता के साथ-साथ असमंजस भी बना हुआ है। लाडकी बहिण योजना के तहत महिलाओं को हर महीने आर्थिक सहायता देने का वादा किया गया था। नवंबर महीने की किस्त महिलाओं को इसी महीने मिली, लेकिन उम्मीद के मुताबिक 3000 रुपये की जगह सिर्फ 1500 रुपये ही खाते में आए। इसके बाद से ही सवाल उठने लगे कि दिसंबर और जनवरी की राशि कब मिलेगी। कई महिलाओं को लगा था कि पिछली और अगली किस्त एक साथ दी जाएगी, लेकिन ऐसा नहीं हो सका। अब जो जानकारी सामने आ रही है, उसके मुताबिक 14 जनवरी यानी मकर संक्रांति को महिलाओं को बड़ी सौगात मिल सकती है। स्थानीय निकाय चुनावों में भाजपा उम्मीदवार तेजस्वी घोसालकर ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री माझी लाडकी बहिण योजना की पात्र महिलाओं के खाते में एक साथ दिसंबर और जनवरी की किस्त, यानी कुल 3000 रुपये डाले जा सकते हैं। 15 जनवरी को महाराष्ट्र में नगर पालिका चुनाव हैं, ऐसे में माना जा रहा है कि चुनाव से पहले सरकार महिलाओं को साधने के लिए यह कदम उठा सकती है। हालांकि, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधिकारियों का कहना है कि किस्त में देरी हो सकती है। अधिकारियों के अनुसार, नगर पालिका चुनावों को लेकर आचार संहिता लागू है, जिसके चलते फंड जारी करने में अड़चन आ सकती है। चुनाव प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही राशि जारी किए जाने की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा रहा। इसी वजह से अभी तक सरकार ने किसी तारीख की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। इस योजना से जुड़ा एक अहम मुद्दा ई-केवाईसी का भी है। राज्य सरकार ने लाभार्थी महिलाओं को ई-केवाईसी कराने के लिए 31 दिसंबर तक का समय दिया था। इसके बावजूद बड़ी संख्या में महिलाएं ई-केवाईसी पूरी नहीं कर पाईं। माना जा रहा है कि जिन महिलाओं की ई-केवाईसी नहीं हुई है, उनके खाते में यह राशि नहीं आएगी। सरकार ने 31 दिसंबर के बाद ई-केवाईसी की तारीख नहीं बढ़ाई और अब पोर्टल से भी यह विकल्प हटा दिया गया है। फिलहाल स्थिति साफ नहीं है। एक तरफ 14 जनवरी को 3000 रुपये आने की उम्मीद ने महिलाओं में उत्साह बढ़ा दिया है, तो दूसरी ओर आधिकारिक पुष्टि न होने से असमंजस भी बना हुआ है। अब सबकी निगाहें सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। क्या मकर संक्रांति पर लाडकी बहिणों को डबल खुशखबरी मिलेगी या फिर इंतजार की अवधि और लंबी होगी। इसका जवाब आने वाले दिनों में ही साफ हो पाएगा।