व्यापार
10-Jan-2026
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- विदेशी निधियों की लगातार निकासी ने भी बाजार की कमजोरी को और गहरा किया मुंबई (ईएमएस)। बीते सप्ताह भारतीय शेयर बाजार ने तीन महीने में अपनी सबसे बड़ी साप्ताहिक गिरावट दर्ज की, जिससे निवेशकों के बीच भारी निराशा और अनिश्चितता देखने को मिली। अमेरिकी टैरिफ बढ़ाने की संभावित चेतावनी, घरेलू और वैश्विक आर्थिक दबाव, तथा प्रमुख ब्लू-चिप शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर लगातार दबाव बनाए रखा। विदेशी निधियों की लगातार निकासी ने भी बाजार की कमजोरी को और गहरा किया। इस दबाव के बीच सेंसेक्स और निफ्टी में क्रमशः 1.84 फीसदी और 1.71 फीसदी की गिरावट दर्ज हुई। सप्ताह की शुरुआत सोमवार को लाल निशान के साथ हुई, जब बीएसई सेंसेक्स 125.96 अंक गिरकर 85,636.05 पर खुला और अंततः 322.39 अंक की गिरावट के साथ 85,439.62 पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी 30.95 अंक गिरकर 26,297.60 पर खुला और सप्ताह की शुरुआत में 84.50 अंक की गिरावट के साथ 26,250.30 पर बंद हुआ। मंगलवार को बाजार में गिरावट और तेज़ हो गई। रिलायंस इंडस्ट्रीज और एचडीएफसी बैंक जैसे प्रमुख शेयरों में बिकवाली के चलते सेंसेक्स 431.95 अंक गिरकर 85,007.67 पर खुला और 376.28 अंक की गिरावट के साथ 85,063.34 पर बंद हुआ। निफ्टी भी 105.6 अंक की गिरावट के साथ 26,144.70 पर खुला और अंततः 71.60 अंक घटकर 26,178.70 पर बंद हुआ। बुधवार और गुरुवार को भी गिरावट का क्रम जारी रहा। गुरुवार को सेंसेक्स 780.18 अंक की गिरावट के साथ 84,180.96 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी 263.90 अंक गिरकर 25,876.85 पर बंद हुआ। शुक्रवार को सप्ताह का समापन भी लाल निशान के साथ हुआ, सेंसेक्स 604.72 अंक गिरकर 83,576.24 पर और निफ्टी 193.55 अंक गिरकर 25,683.30 पर बंद हुआ। बाजार के जानकारों का कहना है ‎कि सप्ताह भर का प्रदर्शन यह संकेत देता है कि विदेशी निवेशकों की निकासी, वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताएं और अमेरिका के संभावित टैरिफ वृद्धि की आशंका ने बाजार को दबाव में रखा। सतीश मोरे/10जनवरी ---