10-Jan-2026
...


जयपुर (ईएमएस)। राजस्थान ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के क्षेत्र में राष्ट्रीय विजन को साकार करने की दिशा में एक और ठोस कदम बढ़ाया है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान एआई नवाचार के उभरते केंद्र के रूप में पहचान बना रहा है। राजस्थान क्षेत्रीय एआई इम्पैक्ट कॉन्फ्रेंस के माध्यम से मुख्यमंत्री ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि तकनीक-आधारित विकास, समावेशी प्रगति और जनकल्याण के लिए एआई का उपयोग सरकार की प्रमुख प्राथमिकताओं में शामिल है। यह सम्मेलन भारत एआई इम्पैक्ट समिट- 2026 की तैयारी के क्रम में एक महत्वपूर्ण क्षेत्रीय पड़ाव सिद्ध हुआ। सम्मेलन में संस्थागत सहयोग को नई ऊंचाई देते हुए गूगल, आईआईटी दिल्ली, राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, जोधपुर तथा स्किल डेवलपमेंट नेटवर्क (वाधवानी फाउंडेशन) के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए। इस बहुपक्षीय साझेदारी का उद्देश्य एआई अनुसंधान, बड़े पैमाने पर कौशल विकास, नैतिक एवं कानूनी ढांचे तथा नवाचार-आधारित इकोसिस्टम को मजबूत करना है, जिससे युवाओं के लिए नए अवसर सृजित होंगे और राज्य की डिजिटल क्षमताओं में वृद्धि होगी।उच्चस्तरीय रणनीतिक सत्र में अभिषेक सिंह, अतिरिक्त सचिव, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सीईओकृइंडियाएआई मिशन एवं महानिदेशककृएनआईसी, ने विशाल धूपर, मैनेजिंग डायरेक्टरकृसाउथ एशिया, एनवीडिया के साथ संवाद किया। सत्र का संचालन श्री समीर जैन, मैनेजिंग डायरेक्टर, प्राइमस पार्टनर्स ने किया। चर्चा में एआई अवसंरचना के लोकतंत्रीकरण, सार्वजनिकदृनिजी भागीदारी को सुदृढ़ करने, नवाचार को व्यापक स्तर पर सक्षम बनाने तथा सुरक्षित और भरोसेमंद एआई के लिए सार्वजनिक क्षेत्र की क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर विचार-विमर्श हुआ।इंडियाएआई मिशन की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए सुश्री कविता भाटिया, वैज्ञानिक ‘जी’, समूह समन्वयक, डमपजल् एवं सीओओकृइंडियाएआई मिशन ने भारत एआई इम्पैक्ट समिट 2026 की दृष्टि और प्राथमिकताओं को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि नीति, अवसंरचना और मानव संसाधन विकास के समन्वित प्रयासों से एआई को जनकल्याण से जोड़ा जा रहा है। अशोक शर्मा/ 4 बजे/ 10 जनवरी 2026