मीटर बदलने उपभोक्ताओं से नहीं ली गई अनुमति छिंदवाड़ा (ईएमएस)। जब भी कोई नवाचार होता है, तो इसका फायदा जनता को मिलता है, लेकिन इस बार इस नवाचार के कारण सबसे अधिक परेशानी आम लोगों को हो रही है। जिले में लगभग ८० प्रतिशत स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके है। यह स्मार्ट मीटर इसलिए लगाए गए है ताकि बिल प्रक्रिया में पारदर्शिता आए। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही है। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ता परेशान हो रहे है। उपभोक्ताओं का कहना है कि मीटर लगन के बाद से ही अधिक बिल आ रहे है। पहले जहां २०० से २५० रूपए के बिजली बिल आते थे वह अब ५०० रूपए तक आ रहे है। जबकि बिजली का उपयोग उतना ही हो रहा है। जितना पहले होता था। किसी ना किसी कारणों से बिल बढ़ कर ही आ रहे है। साउथ सिविल लाइन निवासी महावीर शुक्ला ने बताया कि जब से उन्होंने स्मार्ट मीटर लगाया है तब से ही बिल बढक़र आ रहे है। कई बार विद्युत विभाग से शिकायत की जा चुकी है लेकिन इसके बाद भी अब तक कोई कर्मचारी न तो मीटर की जांच करने आए है और ना ही बिल में कोई संसोधन किया गया है। यह एक अकेला मामला नहीं बल्कि स्मीर्ट मीटर लगने के बाद अधिकांश उपभोक्ता बिल बढक़र आने की बात कह रहे है। बिना पूछे लगाए दिया स्मार्ट मीटर विद्युत विभाग द्वारा बिना उपभोक्ताओं की अनुमति लिए ही घरों के मीटर बदलकर स्मार्ट मीटर लगा दिए जा रहे है। बुधवारी बाजार निवासी कृष्णा शर्मा ने बताया है कि उनके घर भी बिना किसी को जानकारी दिए हुए ही स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है। जब से मीटर बदला है। तब से बढ़ कर बिल आ रहे है। पहले जहां प्रतिमाह ३०० से ४०० रूपए का बिल आता था अब वह बिल कभी १ हजार तो कभी १२०० रूपए तक पहुंच रहा है। शिकायत करने के बाद भी हमारी कोई सुनवाई नहीं हो रही है। कृष्णा शर्मा का कहना है कि हमे हमारा पूराना मीटर लाकर लगाया जाए। हमे स्मार्ट मीटर की आवश्यकता नहीं है। विभाग ने आम लोगों को लूटने के लिए यह मीटर लगाया है। ईएमएस/मोहने/ 10 जनवरी 2026