मेरठ,(ईएमएस)। मेरठ के कपसाड़ गांव में दलित महिला की हत्या और उसकी बेटी के अपहरण के मामले के बाद पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे नगीना से सांसद और भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर आजाद को रोकना गाजियाबाद पुलिस के लिए चुनौती बन गया। दरअसल शनिवार दोपहर पुलिस ने गाजियाबाद के पूर्वी गेट पर उनके काफिले को रोकने की कोशिश की, लेकिन चंद्रशेखर कार छोड़कर दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (डीएमई) पर पैदल ही दौड़ पड़े। पुलिस के हाथ आने से पहले ही वे एक बाइक पर सवार होकर निकल गए। इसके बाद डासना टोल पर अगत्य मोर्चा लगाया गया, लेकिन यहां भी समर्थकों की भीड़ का फायदा उठाकर और बार-बार वाहन बदलकर चंद्रशेखर पुलिस को चकमा देने में सफल रहे। गाजियाबाद पुलिस की इस नाकामी के बाद आखिरकार मेरठ की सीमा पर उन्हें रोका गया और दिल्ली वापस भेज दिया गया। इस संबंध में एडिशनल पुलिस कमिश्नर आलोक प्रियदर्शी ने बताया कि सांसद द्वारा कई स्थानों पर गाड़ियां बदलने के कारण उन्हें रोकने में काफी मशक्कत करनी पड़ी। इस दौरान चंद्रशेखर आजाद और पुलिसकर्मियों के बीच तीखी नोकझोंक के कई वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आए हैं। एक वीडियो में वह महिला पुलिस अधिकारी से कहते दिख रहे हैं, ये किस लहजे में आप मुझसे बात कर रही हैं, क्या मैं आपका जूनियर हूं? वहीं एक अन्य वीडियो में वह पुलिसकर्मियों से कहते हैं, मुझे हाथ मत लगाओ, कोहनी मत मारो। एक फोन करूंगा और सड़कें जाम हो जाएंगी। बाद में पुलिस अधिकारियों ने पीड़ित परिवार से चंद्रशेखर आजाद की बात कराई, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। इससे पहले भी सांसद ने वीडियो कॉल के जरिए परिजनों से बातचीत कर उन्हें न्याय का आश्वासन दिया था। इस मामले में पुलिस ने अपहरण की गई लड़की को आरोपियों के साथ हरिद्वार से बरामद कर लिया है और आगे की जांच जारी है। हिदायत/ईएमएस 11जनवरी26