भोपाल,(ईएमएस)। वर्ष 2028 में उज्जैन में आयोजित होने वाले सिंहस्थ महापर्व की तैयारियों के लिए मध्य प्रदेश सरकार ने केंद्र सरकार से 20 हजार करोड़ रुपये के विशेष वित्तीय पैकेज की मांग की है। यह मांग शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में आयोजित सभी राज्यों के वित्त मंत्रियों की प्री-बजट बैठक में रखी गई। मध्य प्रदेश की ओर से वित्त विभाग का प्रभार संभाल रहे उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा ने राज्य का पक्ष प्रस्तुत किया। उपमुख्यमंत्री देवड़ा ने कहा कि सिंहस्थ पर्व के दौरान देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं और शिप्रा नदी में स्नान कर भगवान महाकाल के दर्शन करते हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा उज्जैन एवं आसपास के क्षेत्रों में सड़कों, घाटों, पुल-पुलियों, यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था, अस्पतालों तथा अन्य मूलभूत अधोसंरचना सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। वर्तमान में 20 हजार करोड़ रुपये से अधिक के अधोसंरचना संबंधी कार्य स्वीकृत किए जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई नीतियों और कार्यक्रमों में मध्य प्रदेश पूरी क्षमता से योगदान देगा। बैठक में देवड़ा ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट के संदर्भ में प्रदेश की आर्थिक स्थिति, सकल घरेलू उत्पाद और वस्तु एवं सेवाकर से जुड़े तथ्यों से केंद्रीय वित्त मंत्री को अवगत कराया। उन्होंने बताया कि राज्य के सकल घरेलू उत्पाद की औसत वार्षिक वृद्धि दर 10 प्रतिशत से अधिक बनी हुई है और पूंजीगत व्यय के लिए बजट में अधिक राशि की आवश्यकता है। इसके साथ ही उपमुख्यमंत्री ने राज्य की ऋण सीमा बढ़ाने की मांग भी उठाई। उन्होंने कहा कि ऋण प्राप्ति की सीमा तय करने के लिए प्रदेश का सकल राज्य घरेलू उत्पाद 16 लाख, 94 हजार, 477 करोड़ रुपये के आधार पर माना जाए तथा 15वें वित्त आयोग द्वारा निर्धारित गणना प्रक्रिया के अनुसार जीएसडीपी को मान्य किया जाए। हिदायत/ईएमएस 11जनवरी26