:: पशु अधिकार मार्च में जुटे देशभर के 400 से अधिक कार्यकर्ता; जानवरों के लिए माँगा यौन हिंसा से सुरक्षा का अधिकार :: इन्दौर (ईएमएस)। इन्दौर में तीन दिनों तक चले एनिमल लिबरेशन कॉन्फ्रेंस इंडिया 2026 का रविवार को राष्ट्रीय पशु अधिकार मार्च के साथ प्रभावशाली समापन हुआ। पलासिया से विजय नगर तक निकाले गए इस मार्च में देशभर के पशु अधिकार कार्यकर्ताओं, वीगन समुदाय और युवाओं सहित 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। हाथों में पोस्टर और बैनर लिए कार्यकर्ताओं ने पशुओं पर हो रही क्रूरता के खिलाफ शांतिपूर्ण तरीके से जनजागरूकता का संदेश दिया। इस वर्ष के मार्च का मुख्य केंद्र जानवरों के साथ होने वाले यौन शोषण के खिलाफ सख्त कानून की मांग रहा। सम्मेलन में वक्ताओं ने चिंता जताते हुए कहा कि पहले भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 377 के तहत यह अपराध दंडनीय था, लेकिन नई भारतीय न्याय संहिता में इस पर कोई स्पष्ट कानूनी प्रावधान नहीं बचा है। इसी कानूनी शून्यता को भरने के लिए मांग उठी कि जानवरों को भी यौन हिंसा से सुरक्षा का संवैधानिक अधिकार मिलना चाहिए। इन्दौर एनिमल लिबरेशन की को-फाउंडर दुर्गा बलानी ने समापन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि यह सम्मेलन केवल संवाद का मंच नहीं, बल्कि एक सक्रिय नेटवर्क बनाने की प्रक्रिया है। उन्होंने जोर दिया कि जब विभिन्न शहरों के एक्टिविस्ट एक साथ आते हैं, तभी आंदोलन सोशल मीडिया से निकलकर जमीनी स्तर पर प्रभाव पैदा करता है। कॉन्फ्रेंस के दौरान पशु अत्याचार की जांच, दस्तावेज़ीकरण, कानूनी प्रक्रिया और वीगन जीवनशैली जैसे विषयों पर गहन सत्र आयोजित किए गए। तीन दिवसीय आयोजन के समापन पर वक्ताओं ने प्रशासनिक उदासीनता और सामाजिक जागरूकता की कमी को पशु अधिकारों की राह में बड़ी चुनौती बताया। आयोजकों ने घोषणा की कि आने वाले महीनों में पशु अधिकारों से जुड़े प्रशिक्षण और कानूनी सहायता तंत्र को और मज़बूत किया जाएगा, ताकि इस आंदोलन को राष्ट्रीय स्तर पर एक संगठित गति मिल सके। प्रकाश/11 जनवरी 2026